बेटी बचाओ, या बेटी पढ़ाओ? रीवा में PTI शिक्षक सुखदेव सिंह ने खेल प्रतियोगिता का झांसा देकर नाबालिग छात्रा से की हैवानियत!

 
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मझगवां स्कूल के पीटीआई शिक्षक सुखदेव सिंह ने नाबालिग छात्रा के साथ की घिनौनी करतूत। बैकुण्ठपुर पुलिस ने होटल मैनेजर सहित आरोपी शिक्षक को भेजा जेल।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले के बैकुण्ठपुर थाना अंतर्गत मझगवां शासकीय स्कूल से एक ऐसी खबर आई है जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। एक तरफ जहाँ सरकार बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ समाज के रक्षक ही भक्षक बनते नजर आ रहे हैं। यहाँ के एक पीटीआई (PTI) शिक्षक ने अपनी ही छात्रा की अस्मत पर हाथ डालने की कोशिश की है।

खेलकूद प्रतियोगिता का झूठा झांसा और होटल का खौफनाक सच 
यह शर्मनाक घटना 18 मार्च की बताई जा रही है। आरोपी शिक्षक सुखदेव सिंह, जो मझगवां स्कूल में पीटीआई के पद पर पदस्थ है, ने अपनी ही स्कूल की एक नाबालिग छात्रा को अपना शिकार बनाने की साजिश रची। शिक्षक ने छात्रा को बहलाया-फुसलाया और उसे रीवा शहर में आयोजित एक खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल कराने का लालच दिया।

शिक्षक की बातों पर भरोसा कर छात्रा उसके साथ चली गई, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस गुरु पर वह भरोसा कर रही है, उसकी नियत में खोट है। आरोपी शिक्षक उसे किसी मैदान के बजाय एक निजी होटल के कमरे में ले गया। वहां उसने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें की और दुष्कर्म का प्रयास किया। छात्रा के विरोध और सूझबूझ के कारण वह किसी तरह उस दरिंदे के चंगुल से भाग निकली।

होटल मैनेजर अशोक वाधवानी की संलिप्तता: मदद के बदले धमकी 
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता भागकर होटल के मैनेजर अशोक वाधवानी के पास पहुंची। पीड़िता को उम्मीद थी कि मैनेजर उसे सुरक्षा देगा और पुलिस को सूचना देगा। लेकिन मानवता को शर्मसार करते हुए मैनेजर ने पैसों के लालच में आरोपी शिक्षक का साथ देना बेहतर समझा। उसने छात्रा की मदद करने के बजाय उसे डराया-धमकाया और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। मैनेजर ने छात्रा को चुपचाप घर जाने के लिए मजबूर कर दिया ताकि होटल की बदनामी न हो और उसका अवैध धंधा चलता रहे।

बैकुण्ठपुर पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक': सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी 
छात्रा ने घर पहुंचकर हिम्मत दिखाई और अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। परिजनों ने तत्काल बैकुण्ठपुर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

थाना प्रभारी (उप निरीक्षक) घनश्याम मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया और मुख्य आरोपी शिक्षक सुखदेव सिंह को धर दबोचा। साथ ही, अपराध को छिपाने और अपराधी का सहयोग करने के जुर्म में होटल मैनेजर अशोक वाधवानी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 23 मार्च 2026 को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

समाज और शिक्षा विभाग के लिए खड़े हुए बड़े सवाल 
इस घटना ने मझगवां क्षेत्र के नागरिकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि अगर स्कूलों में ही बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो माता-पिता किस भरोसे पर उन्हें पढ़ने भेजेंगे? Rewa News Media जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग करता है कि ऐसे दागी शिक्षकों को तत्काल बर्खास्त किया जाए ताकि भविष्य में कोई दूसरा 'सुखदेव सिंह' ऐसी जुर्रत न कर सके।

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