शिखा मिश्रा डेथ मिस्ट्री: कॉलेज के बहाने पुष्पेंद्र से मिलती थी शिखा', पति के कबूलनामे ने रीवा में मचाया हड़कंप; अब CBI जांच की मांग, क्या रसूखदारों के दबाव में गई शिखा की जान?

 
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रीवा का संजय नगर इलाका 25 जनवरी की रात एक ऐसी घटना का गवाह बना, जिसने पूरे विंध्य को झकझोर कर रख दिया। आदिम जाति कल्याण विभाग में कार्यरत रहीं और देवतालाब कॉलेज की आउटसोर्स कर्मचारी शिखा मिश्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। शुरुआत में इसे ससुराल पक्ष द्वारा 'दहेज हत्या' का मामला बताया गया, लेकिन अब सामने आए 5 ऑडियो ने इस थ्योरी को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। इन ऑडियो में सुनाई दे रही धमकियां, मानसिक प्रताड़ना और राजनीतिक रसूख का दखल चीख-चीख कर कह रहा है कि यह मामला साधारण आत्महत्या नहीं है।

सगाई की तस्वीर और उजड़ा हुआ घर: 1 साल के भीतर क्या बदल गया?

शिखा मिश्रा और विकास पांडेय की शादी 29 अप्रैल 2025 को बड़े अरमानों के साथ हुई थी। शिखा मूल रूप से बमुरिहा की थीं, जबकि विकास प्रयागराज के रहने वाले हैं। शादी के एक साल पूरे होने से पहले ही शिखा का शव फंदे पर मिलना कई सवाल खड़े करता है।

  • पुलिस की शुरुआती कार्रवाई: मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने पति विकास पांडेय और उनके पिता को जेल भेज दिया है।

  • परिजनों का आरोप: विकास के चाचा का कहना है कि उनका पूरा परिवार उजड़ गया है, घर पर ताला पड़ा है और उनके निर्दोष भतीजे को फंसाया गया है।

वायरल ऑडियो कांड: "नंबर ब्लैकलिस्ट क्यों किया?"

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के पूर्व निज सहायक (PA) पुष्पेंद्र गौतम और शिखा के पति विकास के बीच की बातचीत सार्वजनिक हुई।

ऑडियो 1 - "टॉर्चर का आरोप": विकास साफ़ तौर पर पुष्पेंद्र से पूछ रहे हैं कि आप मेरी पत्नी को बार-बार फोन क्यों कर रहे हैं? आप उसे टॉर्चर क्यों कर रहे हैं? इस पर पुष्पेंद्र का जवाब बेहद आक्रामक है— "मुझे ब्लैकलिस्ट में डालकर बेवकूफ समझते हो?"

ऑडियो 4 - "बचा लो... बचा लो...": एक ऑडियो में पुष्पेंद्र चिल्लाते हुए विकास को चुनौती दे रहे हैं— "हां, तो अब उसको बचा लो... बचा लो... बचा लो।" यह शब्द आज शिखा की मौत के बाद बेहद डरावने लग रहे हैं। क्या पुष्पेंद्र को पता था कि शिखा के साथ कुछ बुरा होने वाला है?

शिखा की मौत के बाद मामले की जांच करती हुई पुलिस।

शिखा की मौत के बाद मामले की जांच करती हुई पुलिस।

पति की मानसिक पीड़ा: "वो पुष्पेंद्र से मिलने जाती थी, फिर भी मैंने माफ किया"

शिखा की मौत से पहले का एक और ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें विकास अपनी सास से बात करते हुए फफक-फफक कर रो रहे हैं। विकास कहते हैं— "वो कॉलेज बोलकर जाती थी और वहां पुष्पेंद्र गौतम से मिलती थी, इसके बाद भी मैंने उसे माफ किया। मैं सहता रहा, लेकिन अब बर्दाश्त के बाहर है।" यह ऑडियो दर्शाता है कि शिखा पर बाहरी दबाव इस कदर था कि उसका वैवाहिक जीवन नर्क बन चुका था।

शिखा की शादी 29 अप्रैल 2025 को हुई थी। अब घर पूरा खाली पड़ा हुआ है।

शिखा की शादी 29 अप्रैल 2025 को हुई थी। अब घर पूरा खाली पड़ा हुआ है।

पड़ोसियों के सनसनीखेज खुलासे: "बाहरी लोगों ने घर में घुसकर की थी मारपीट"

संजय नगर के निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिखा की मौत से पहले कुछ बाहरी लोग विकास के घर में घुसे थे। उन्होंने परिवार के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ अभद्रता की। मोहल्ले में इस कदर डर है कि लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। क्या ये लोग पुष्पेंद्र गौतम से जुड़े थे? इसकी जांच होना बाकी है।

विधायक कार्यालय की सफाई: "पुष्पेंद्र अब हमारे PA नहीं"

जैसे ही मामला हाईप्रोफाइल हुआ, विधायक गिरीश गौतम के कार्यालय ने पल्ला झाड़ लिया। बयान जारी कर कहा गया कि पुष्पेंद्र गौतम वर्तमान में उनके निज सहायक नहीं हैं। राजनीतिक विरोधियों पर छवि धूमिल करने का आरोप लगाया गया। लेकिन सवाल यह है कि यदि पुष्पेंद्र पद पर नहीं थे, तो भी उनका रसूख इतना कैसे था कि वे एक पति-पत्नी के निजी जीवन में इस कदर दखल दे रहे थे?

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक गिरीश गौतम के पूर्व निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक गिरीश गौतम के पूर्व निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम।

ब्राह्मण समाज की चेतावनी: "अगर CBI जांच नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन"

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने इस मामले में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:

  1. CBI जांच: स्थानीय पुलिस पर राजनीतिक दबाव की आशंका के चलते मामले की जांच CBI को दी जाए।

  2. पुष्पेंद्र गौतम की गिरफ्तारी: ऑडियो के आधार पर पुष्पेंद्र पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हो।

  3. अपराधिक रिकॉर्ड: समाज ने पुष्पेंद्र के 2008 और 2010 के पुराने अपराधिक मामलों का हवाला देते हुए उसे 'संदिग्ध चरित्र' वाला व्यक्ति बताया है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।

न्याय की आस में रीवा

शिखा मिश्रा सुसाइड केस अब केवल एक पुलिस फाइल नहीं, बल्कि रीवा के मानस पटल पर एक गहरा घाव है। क्या रसूखदारों के दबाव में एक बेटी की जान चली गई? क्या पति विकास पांडेय वाकई दहेज लोभी है या वह भी इस सिस्टम का शिकार हुआ? इन सवालों के जवाब तभी मिलेंगे जब वायरल ऑडियो और पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका की निष्पक्ष जांच होगी।

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