'दो घंटे कमरे में साथ रहो... किसी को पता नहीं चलेगा!', प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप : CMO को निलंबित कर रीवा जेडी आफिस पदस्थ किया गया

 
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रीवा के चाकघाट नगर परिषद के CMO शंखधर पांडेय पर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने लगाए गंभीर आरोप, कलेक्टर ने भेजा निलंबन का प्रस्ताव।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले से प्रशासनिक गलियारों को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। चाकघाट नगर परिषद में पदस्थ चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर (CMO) शंखधर पांडेय पर एक महिला दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर ऑपरेटर ने बेहद गंभीर और आपत्तिजनक मांग करने के आरोप लगाए हैं। इस सनसनीखेज प्रकरण ने पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यालयों की कार्यशैली पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि इसमें क्या-क्या खुलासे हुए हैं।

रीवा के चाकघाट नगर परिषद का पूरा मामला 
रीवा जिले के अंतर्गत आने वाली चाकघाट नगर परिषद इन दिनों भ्रष्टाचार और शोषण के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। यहां काम करने वाली एक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने स्थानीय प्रशासन के मुखिया यानी CMO पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि वह लंबे समय से ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रही थी, लेकिन ऑफिस के भीतर उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। जब मामले ने तूल पकड़ा और पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाकर रीवा कलेक्टर के दरबार में गुहार लगाई, तब जाकर इस प्रशासनिक अनियमितता और कथित उत्पीड़न का पर्दाफाश हुआ। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए, जिसमें शुरुआती तौर पर शिकायत सही पाई गई है।

महिला कंप्यूटर ऑपरेटर के गंभीर आरोप 
पीड़ित महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं:

  • आपत्तिजनक मांग: महिला का मुख्य आरोप है कि CMO शंखधर पांडेय ने उससे अकेले में दो घंटे कमरे में साथ रहने की अनुचित मांग की और यह भरोसा दिलाया कि इस बात की भनक किसी को नहीं लगेगी।
  • बदले की कार्रवाई: जब महिला ने इस घृणित मांग को मानने से साफ इंकार कर दिया, तो उसे षड्यंत्र के तहत नौकरी से हटाने के लिए बैकडेट में पत्र जारी कर दिया गया।
  • दैनिक वेतनभोगी का संघर्ष: महिला ने बताया कि वह साल 2018 यानी 15 मार्च से लगातार चाकघाट नगर परिषद में अपनी सेवाएं दे रही थी, लेकिन उसे अचानक बिना किसी ठोस कारण के प्रताड़ित किया जाने लगा।
  • गाली-गलौज और धमकी: 18 जून को ऑफिस में उसकी टेबल पर रखा कंप्यूटर जबरन हटाने की कोशिश की गई, विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई।
  • पुराना विवाद: साल 2023 की नियुक्तियों के मामले में भी तत्कालीन CMO के खिलाफ झूठे और चरित्र संबंधी आरोप लगाने का दबाव डालने की बात सामने आई है।

ऑडियो लीक और प्रशासनिक कार्रवाई 
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब CMO और महिला के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में वायरल हो गया। हालांकि इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है कि आवाज किसकी है, लेकिन इसके सामने आते ही हड़कंप मच गया।

  • कलेक्टर का एक्शन: मंगलवार को जब पीड़िता अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पास पहुंची, तो उन्होंने बिना देर किए एसडीएम को इसकी मजिस्ट्रेटी जांच सौंप दी।
  • निलंबन का प्रस्ताव: एसडीएम की जांच में महिला के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके आधार पर कलेक्टर ने आरोपी CMO के निलंबन का कड़ा प्रस्ताव कमिश्नर कार्यालय को भेज दिया है। नियम के अनुसार, CMO रैंक के अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई या निलंबन का अधिकार कमिश्नर के पास होता है।

EPF और वेतन से जुड़े विवाद 
उत्पीड़न के इस मामले के अलावा वित्तीय अनियमितताओं की परतें भी उधड़ रही हैं:

  • वेतन रुकावट: महिला ने आरोप लगाया है कि उसे पिछले लगभग छह महीनों से मेहनताना यानी वेतन नहीं दिया गया है, जिससे उसका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
  • EPF घोटाला: पिछले करीब ढाई साल से उसके खाते में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की राशि जमा नहीं की गई है, जो कि सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
  • ऑनलाइन अटेंडेंस काटना: 24 जून से उसकी ऑनलाइन उपस्थिति आईडी को भी सिस्टम से हटा दिया गया ताकि वह ऑफिस में अपनी उपस्थिति दर्ज न करा सके।

निष्कर्ष और आगे की राह 
रीवा के चाकघाट नगर परिषद का यह मामला यह साबित करता है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। एक तरफ जहां कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई ने न्याय की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा इस तरह के कृत्यों से जनता का भरोसा डगमगाता है। अब देखना यह होगा कि कमिश्नर कार्यालय इस प्रस्ताव पर कब तक अंतिम मुहर लगाता है और अन्य आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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