अवैध संबंधों की वेदी पर चढ़ा सुहाग : 'कलयुगी पत्नी' का खौफनाक खेल: प्रेमी के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश, 90 दिन बाद नाले के पास जमीन से निकला शव
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से दिल को दहला देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को एक बार फिर शर्मसार कर दिया है। रामपुर बघेलान और गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में पिछले तीन महीने से लापता एक नौजवान की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को गुपचुप तरीके से जमीन में दफन कर दिया गया था।

मार्च महीने में ससुराल गया था विपिन यादव, अचानक लापता होने से मचा था कोहराम
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात का शिकार हुआ महज 20 वर्षीय नवयुवक विपिन कुमार यादव, रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भगदेवरा (मोहार टोला) के रहने वाले संतू यादव का इकलौता बेटा था। घटनाक्रम की शुरुआत 26 मार्च 2026 को हुई थी, जब विपिन बड़े चाव से गोविंदगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टीकर गांव में स्थित अपनी ससुराल गया था।
परिजनों का आरोप है कि जब विपिन अपनी ससुराल में मौजूद था, तभी टीकर गांव का ही रहने वाला एक अन्य युवक सुनील कुशवाहा उसे किसी काम का बहाना बनाकर अपने साथ मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गया। उस शाम के बाद विपिन दोबारा कभी लौटकर घर नहीं आया। जब दो दिनों तक विपिन का कोई अता-पता नहीं चला और उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आता रहा, तो थक-हारकर चिंतित परिजनों ने 28 मार्च 2026 को रामपुर बघेलान पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी (Missing Report) दर्ज कराई।
नाले के पास दफन था राज: आरोपी सुनील कुशवाहा की निशानदेही पर मजिस्ट्रेट के सामने हुई खुदाई
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस और सायबर सेल लगातार इस मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही थी। संदेह के घेरे में आए ससुराल पक्ष के लोगों और गांव के संदिग्धों से जब कड़ाई से पूछताछ शुरू हुई, तो पुलिस की रडार पर सीधे तौर पर वही सुनील कुशवाहा आया, जो विपिन को आखिरी बार अपने साथ ले गया था। रामपुर बघेलान और गोविंदगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने जब सुनील कुशवाहा को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका और उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
आरोपी सुनील कुशवाहा ने रोते हुए पुलिस के सामने कबूला कि उसने विपिन की हत्या कर उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया है। पुलिस टीम आरोपी सुनील को कड़ी सुरक्षा के बीच टीकर गांव लेकर पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर उसके खुद के घर से महज़ 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक सुनसान नाले के पास झाड़ियों के बीच वह जगह मिल गई, जहां लाश को छुपाया गया था। इसके बाद तुरंत प्रशासनिक नियमों के तहत कार्यपालिक दंडाधिकारी को मौके पर बुलाया गया और उनकी प्रत्यक्ष निगरानी में फावड़ों से जमीन की खुदाई शुरू की गई। लगभग तीन महीने पुराने दफन शव के अवशेषों को पुलिस ने पंचनामा बनाकर अपने कब्जे में ले लिया।
कॉल डिटेल (CDR) ने खोला 'खूनी खेल': 24 घंटे में दर्जनों बार होती थी बातचीत
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका तकनीकी साक्ष्यों और सायबर फॉरेंसिक ने निभाई है। मामले की बारिकी से विवेचना कर रहे मुंशी संजीव कुमार ने जब गायब हुए विपिन के करीबियों और संदेही सुनील कुशवाहा के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को खंगाला, तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई।
सीडीआर की रिपोर्ट से यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि मृतक विपिन कुमार यादव की सगी पत्नी और हत्या के मुख्य आरोपी सुनील कुशवाहा के बीच पिछले कई महीनों से लगातार बातचीत हो रही थी। रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों दिन भर में 10 से 15 बार एक-दूसरे को फोन करते थे और आधी-आधी रात को घंटों लंबी बातचीत का सिलसिला चलता था। मुंशी संजीव कुमार की पैनी नजरों ने इस सुराग को पकड़ लिया और साफ हो गया कि विपिन के गायब होने और इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट कहीं और नहीं, बल्कि मोबाइल फोन पर ही लिखी गई थी। इसी तकनीकी साक्ष्य के दम पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी सुनील कुशवाहा को सीधे मृतक की पत्नी के ही घर से रंगे हाथों धर दबोचा।
अवैध संबंधों की वेदी पर चढ़ा सिंदूर: कातिल प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने रची थी साजिश
रीवा पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और शुरुआती जांच में जो कहानी निकलकर सामने आई है, उसने समाज के ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला पूरी तरह से अवैध प्रेम-प्रसंग और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (Extramarital Affair) का है। मृतक विपिन की पत्नी का अपने ही मायके के रहने वाले सुनील कुशवाहा के साथ पिछले काफी समय से गुप्त प्रेम-प्रसंग चल रहा था। विपिन दोनों के इस अनैतिक रिश्ते के बीच में सबसे बड़ा रोड़ा बन रहा था।
अपने प्यार को मुकाम तक पहुँचाने और रास्ते के कांटे को हमेशा-हमेशा के लिए हटाने के लिए कलयुगी पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही सुहाग की बली चढ़ाने की खौफनाक साजिश रच डाली। योजना के मुताबिक, जैसे ही विपिन मार्च के महीने में अपनी ससुराल टीकर गांव पहुंचा, वैसे ही पत्नी के इशारे पर प्रेमी सुनील उसे सुनसान इलाके में ले गया और उसकी जीवन लीला समाप्त कर शव को नाले के पास दफन कर दिया। ताकि किसी को भनक न लगे और मामला महज़ एक गुमशुदगी का बनकर रह जाए।
कहते हैं कि पापी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई ऐसा सुराग ज़रूर छोड़ जाता है जो उसे सीधे जेल के सीखचों तक पहुँचा देता है। गोविंदगढ़ के टीकर गांव में घटित यह वीभत्स हत्याकांड इस बात का साक्षात प्रमाण है। रीवा पुलिस ने भले ही इस अंधे कत्ल की गुत्थी को तीन महीने बाद सुलझा लिया हो, लेकिन इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है।
फिलहाल मुख्य हत्यारे सुनील कुशवाहा को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जबकि साजिशकर्ता पत्नी को हिरासत में लेकर महिला पुलिस की टीमें कड़ी पूछताछ कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शव का विस्तृत पोस्टमार्टम (Post-Mortem) रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज में कराया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों को मिलाकर एक अचूक चार्जशीट तैयार की जाएगी, ताकि अदालत से इन दोनों आरोपियों को फांसी या उम्रकैद जैसी कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।