मऊगंज में मौसी-भतीजे के प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत: 8 दिन अस्पताल में जंग हार गई युवती, प्रेमी पर संगीन आरोप!

 
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मऊगंज जिले में मौसी-भतीजे के प्रेम प्रसंग के बीच युवती ने खाया जहर। 8 दिन इलाज के बाद रीवा के संजय गांधी अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी।

ऋतुराज द्विवेदी (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ पारिवारिक रिश्तों के जटिल ताने-बाने और प्रेम संबंध के बीच एक 21 वर्षीय युवती की जान चली गई। यह घटना लौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खुजुआ सुखदेव सिंह की है। मृतका और आरोपी के बीच पारिवारिक संबंधों के हिसाब से मौसी और भतीजे का रिश्ता लगता था। लंबे समय से चल रहे इस घटनाक्रम के कारण पारिवारिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।

इसी मानसिक दबाव और तनाव के चलते युवती ने बीते 25 जुलाई को अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और वे तत्काल युवती को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

संजय गांधी अस्पताल में आठ दिनों का कठिन संघर्ष और दुःखद अंत
स्थानीय स्तर पर प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद जब युवती की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी हालत गंभीर होती चली गई, तो डॉक्टरों ने उसे रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रीवा के इस संभागीय अस्पताल में युवती को गहन चिकित्सा इकाई यानी आईसीयू में भर्ती कराया गया।

अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने युवती की जान बचाने के लिए आठ दिनों तक लगातार प्रयास किए। हालांकि, शरीर में जहर का असर अत्यधिक फैल जाने के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच चले इस कठिन संघर्ष के बाद शनिवार को इलाज के दौरान युवती की सांसें थम गईं। उसकी मृत्यु की खबर आते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों के गंभीर आरोप और मानसिक प्रताड़ना का दावा
युवती की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा और असंतोष खुलकर सामने आ गया है। मृतका के पिता ने गढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गोदरी निवासी युवक पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि उनकी बेटी ने यह खौफनाक कदम खुद की मर्जी से नहीं उठाया, बल्कि उसे इसके लिए मजबूर किया गया था।

पिता का आरोप है कि उक्त युवक लंबे समय से युवती पर अनुचित दबाव बना रहा था और उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इसी निरंतर प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर उनकी बेटी अत्यधिक तनाव में आ गई थी। परिजनों का मानना है कि यदि आरोपी द्वारा यह मानसिक दबाव नहीं बनाया जाता, तो उनकी बेटी कभी भी ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाती। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस की वैधानिक कार्रवाई और जांच का दायरा
अस्पताल प्रबंधन से घटना और मौत की सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस थाना टीम संजय गांधी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया। सबसे पहले शव का मर्ग कायम किया गया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में आवश्यक पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके पश्चात पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

प्रशासनिक स्तर पर मऊगंज पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है। घटना से जुड़े सभी गवाहों, परिजनों और आरोपी युवक के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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