"तैयार है विंध्य की धरा! तिल-गुड़ की मिठास और मेलों की रौनक से रीवा में संक्रांति पर क्योटी में 4 दिनों तक सजेगा आस्था का मेला! मोहनिया टनल से क्योटी तक दिखेगा अद्भुत नजारा

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) विंध्य की हृदयस्थली रीवा में इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व बेहद खास होने वाला है। 14 और 15 जनवरी को मनाए जाने वाले इस त्यौहार के लिए पूरे जिले में उत्सव का माहौल है। प्रशासन और स्थानीय आयोजन समितियों ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कमर कस ली है। चाहे वह ऐतिहासिक मंदिर हों या कल-कल बहते जलप्रपात, हर तरफ मेलों की तैयारी अपने अंतिम चरण में है।

महामृत्युंजय मंदिर: शिव धाम में एक दिवसीय भव्य आयोजन
रीवा के गौरव किला परिसर स्थित महामृत्युंजय मंदिर में मकर संक्रांति पर विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा है।

  • एक दिवसीय मेला: मंदिर परिसर में एक दिन का विशाल मेला लगेगा, जिसके लिए दुकानदारों ने अपनी जगहें सुरक्षित कर ली हैं।
  • दान-पुण्य: इस दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करेंगे और खिचड़ी-तिल का दान करेंगे।
  • साफ-सफाई: नगर निगम और मंदिर ट्रस्ट द्वारा पूरे क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

क्योटी जलप्रपात: चार दिनों तक सजेगी मेलों की रौनक
पर्यटन के लिहाज से प्रसिद्ध क्योटी जलप्रपात में इस बार चार दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रकृति की गोद में लगने वाला यह मेला पूरे संभाग में आकर्षण का केंद्र रहता है।

  • सुरक्षा व्यवस्था: चूंकि यहाँ गहरी खाई और जलप्रपात है, इसलिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा मजबूत किया है।
  • भीड़ नियंत्रण: चार दिनों तक यहाँ हज़ारों पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिसके लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।

नदी तटों और ग्रामीण अंचलों में तैयारी 
केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रांति का उत्साह चरम पर है।

  • करियारी नदी तट (मध्यपुर): नौबस्ता चौकी के अंतर्गत मध्यपुर गांव में करियारी नदी के किनारे मेला सजने लगा है। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर यहाँ शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
  • अन्य धार्मिक स्थल: देवतालाब के शिव मंदिर, बसामन मामा, चिन्नईधाम, लक्ष्मणबाग और कोठी कंपाउंड के मनकामेश्वर मंदिर में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

प्रशासन की विशेष नजर: इन हॉटस्पॉट्स पर रहेगा पहरा (H2)
जिला प्रशासन ने अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की एक 'सेंसिटिव लिस्ट' तैयार की है, जहाँ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा:

  • मोहनिया टनल: पिकनिक मनाने वालों की पसंदीदा जगह।
  • भैरवनाथ और चिरहुला नाथ मंदिर: यहाँ दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगती हैं।
  • वॉटरफॉल्स: क्योटी के साथ बहुती और चचाई में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

संक्रांति के विशेष आकर्षण: तिल-गुड़ और झूले 
मेलों का असली मजा पारंपरिक खरीदारी और पकवानों में होता है। रीवा के इन मेलों में:

पारंपरिक खानपान: तिल के लड्डू, गुड़ की पट्टी और ताजी जलेबियों की दुकानें सज चुकी हैं।
बच्चों का मनोरंजन: बड़े हिंडोले, ब्रेक डांस झूले और खिलौनों की दुकानों ने बच्चों में उत्साह भर दिया है।
सांस्कृतिक रंग: ग्रामीण अंचलों के मेलों में स्थानीय लोक संगीत की गूंज भी सुनाई देगी।

निष्कर्ष: सुरक्षित और सुखद रहे आपका पर्व
रीवा प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जल निकायों (नदियों और जलप्रपातों) के पास सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। मकर संक्रांति केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि रीवा की सांस्कृतिक एकता और भाईचारे का प्रतीक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. रीवा में मकर संक्रांति का सबसे बड़ा मेला कहाँ लगता है? रीवा में सबसे प्रमुख मेला महामृत्युंजय मंदिर (किला परिसर) और क्योटी जलप्रपात में लगता है।
Q2. क्योटी जलप्रपात में मेला कितने दिनों तक चलेगा? क्योटी जलप्रपात में मकर संक्रांति के अवसर पर चार दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया गया है।
Q3. क्या मोहनिया टनल और चिरहुला मंदिर में भी विशेष व्यवस्था है? हाँ, प्रशासन ने मोहनिया टनल और चिरहुला नाथ मंदिर जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के लिए विशेष पुलिस बल और पार्किंग की व्यवस्था की है।
Q4. मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख क्या है? इस वर्ष पर्व की मुख्य तिथियां 14 और 15 जनवरी हैं।

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