"हाँ, बेच रहे हैं शराब, कर लो क्या करोगे?" रीवा में IG के 'नशामुक्त अभियान' को ठेंगा! लोही ब्रिज पर कैमरे पर बोला सेल्समैन- "ग्रामीणों की सुविधा के लिए खोली है अवैध शाखा"

 
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बिछिया थाना क्षेत्र के लोही ब्रिज पर खुलेआम बेची जा रही शराब, वीडियो वायरल होने के बाद नशामुक्त अभियान 2.0 पर उठे गंभीर सवाल।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बिछिया थाना क्षेत्र में स्थित लोही पुल (Lohi Bridge) के नजदीक बेखौफ होकर अवैध शराब बेचे जाने का मामला उजागर हुआ है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने जब मौके पर संदिग्ध गतिविधियाँ देखीं, तो उन्होंने तुरंत इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो फुटेज में शराब बेच रहा व्यक्ति बिना किसी डर या हिचकिचाहट के कैमरे के सामने यह स्वीकार करता दिख रहा है कि वह यहाँ मदिरा की बिक्री कर रहा है। हद तो तब हो गई जब उसने दावा किया कि यह बिक्री कोई चोरी-छिपे नहीं, बल्कि बिछिया स्थित मुख्य शराब दुकान की एक "अधिकृत शाखा" (Branch) के रूप में ग्रामीणों की सुविधा के लिए चलाई जा रही है। इस खुले दावे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र और आबकारी विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

'नशामुक्त अभियान 2.0' और प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत (IG Gaurav Rajput) के नेतृत्व में पूरे संभाग में 'नशामुक्त अभियान 2.0' बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है।

हालाँकि, शहर के मुख्य प्रवेश द्वार और व्यस्त मार्ग पर इस तरह खुलेआम मदिरा का अवैध वितरण होना, अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है:

  • आबकारी नियमों की अनदेखी: आबकारी विभाग के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी मुख्य दुकान की बिना वैध लाइसेंस या अनुमति के उप-शाखा (Sub-branch) खोलकर शराब बेचना पूरी तरह गैर-कानूनी है।
  • प्रशासनिक शह की आशंका: कैमरे के सामने बिना किसी भय के बोलना इस बात की ओर इशारा करता है कि इस अवैध संचालन को स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त हो सकता है।

स्थानीय निवासियों का आक्रोश और सुरक्षा की चिंताएँ
लोही ब्रिज क्षेत्र में अवैध शराब काउंटर खुलने से आसपास रहने वाले लोगों और दैनिक यात्रियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। क्षेत्र के रहवासियों ने इस स्थिति पर अपनी कड़ी चिंता व्यक्त की है।

राजेश सिंह (स्थानीय निवासी): "लोही पुल के आसपास काफी समय से इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की चर्चाएँ चल रही थीं। शाम ढलते ही यहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे राहगीरों, विशेषकर महिलाओं का निकलना दुभर हो जाता है। पुलिस और आबकारी प्रशासन को तुरंत इस ठेके को बंद करवाकर कड़ा संदेश देना चाहिए।" 

रामकुमार पटेल (स्थानीय निवासी): "यह रास्ता ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। यदि मुख्य सड़क के किनारे इस प्रकार अवैध रूप से शराब बिकेगी, तो क्षेत्र का माहौल खराब होना तय है। हमारी माँग है कि निष्पक्ष जाँच कर इसके पीछे के असली संरक्षकों को बेनकाब किया जाए।"

थाना प्रभारी बिछिया का बयान और भावी कार्रवाई
मामले की खबर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए आला अधिकारियों तक पहुँचने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। बिछिया थाना प्रभारी अंकित मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए हैं।

थाना प्रभारी बिछिया, अंकित मिश्रा का आधिकारिक पक्ष:

  • सूचना की पुष्टि: मीडिया के माध्यम से लोही ब्रिज के समीप अवैध शराब बिक्री की जानकारी प्राप्त हुई है।
  • जाँच के आदेश: पुलिस टीम को मौके का निरीक्षण करने और वायरल वीडियो की सत्यता जाँचने के निर्देश दे दिए गए हैं।
  • सख्त कानूनी कार्रवाई: यदि जाँच में आबकारी अधिनियम का उल्लंघन या अवैध बिक्री पाई जाती है, तो संलिप्त व्यक्तियों और दुकान संचालक के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
  • शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance): क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध कारोबार या असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्षेत्र में अवैध मदिरा कारोबार से उत्पन्न सामाजिक समस्याएँ
ग्रामीण और शहरी सीमा पर अवैध रूप से शराब की दुकानें या शाखाएँ खुलने से केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि इसके कई सामाजिक दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं:

  • अपराधों में वृद्धि: अवैध शराब बिक्री के स्थानों पर अक्सर मारपीट, छेडछाड और लूटपाट जैसी घटनाएँ बढ़ने की आशंका रहती है।
  • सड़क दुर्घटनाएँ: नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण लोही ब्रिज जैसे व्यस्त मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • युवाओं पर दुष्प्रभाव: सुलभता से शराब मिलने के कारण स्थानीय युवा और छात्र आसानी से नशे की लत का शिकार हो जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों को अब पुलिस की जाँच रिपोर्ट और आबकारी विभाग की आगामी कार्रवाई का इंतजार है, ताकि रीवा शहर को सही मायनों में 'नशामुक्त' बनाया जा सके।

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