REWA : 9 माह पूर्व मिले नर कंकाल का पर्दाफाश : 408 दिन बीतने के बाद संदेहियों तक पहुंची पुलिस,जीजा-साले ने मिलकर रची कहानी

 
image

रीवा जिले के मऊगंज थाना क्षेत्र के दुधमनिया जंगल में 9 माह पूर्व मिले नर कंकाल का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक छेड़खानी करने पर जीजा-साले ने युवक को मौत के घाट उतार दिया था। 13 माह पहले 3 अक्टूबर 2021 की रात हत्या की गई थी। 4 महीने गुजरे पर 5 फरवरी 2022 को जंगल में नर कंकाल मिला।

408 दिन बीतने के बाद 14 नवंबर 2022 को पुलिस संदेहियों तक पहुंची है। हत्याकांड में शामिल आरोपी साला गिरफ्तार हो गया है। जबकि शातिर अपराधी जीजा सूरत में फरारी काट रहा है। रीवा पुलिस की एक टीम साइबर सेल  (cyber cell)  से लोकेशन (location) लेकर गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। गिरफ्त में आए आरोपी को मऊगंज पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है।

पुलिस कंट्रोल रूम (police control room) में खुलासा करते हुए एसपी नवनीत भसीन (sp navneet bhashin) ने बताया कि फरियादी इन्द्रलाल गिरी पुत्र चुड़ा गिरी 51 वर्ष निवासी छुहिया गांव मऊगंज थाने शिकायत लेकर पहुंचा। कहा कि उसका लड़का विकास गिरी 21 वर्ष लापता है। सूचना के बाद मऊगंज पुलिस ने 5 अक्टूबर 2021 को गुम इंसान क्रंमाक 59/21 पंजीबद्ध कर जांच में लिया।

चार माह बाद जंगल में मिला आधार कार्ड
5 फरवरी 2022 को चार माह बाद इन्द्रलाल गिरी ने मोबाइल से पुलिस को सूचना दी। उसने कहा कि दुधमनिया जंगल में एक मानव कंकाल पड़ा है। जिसके पास से पैन्ट, पर्श और आधार कार्ड सहित अन्य कागजात पड़े है। जो मेरे लड़के विकास गिरी के है। जानकारी के बाद मर्ग क्रंमाक 09/22 आईपीसी की धारा 174 कायम हुआ।

संदेहियों के नाम मृतक के पिता ने बताए
परिजनों द्वारा शंका जाहिर करने पर पुलिस ने आरोपी यूनुस बक्स अंसारी पुत्र अब्दुल मजीद 31 वर्ष निवासी दुधमनिया को हिरासत में लिया। तब आरोपी ने बताया कि उसने अपने जीजा सिरताज मोहम्मद 25 वर्ष निवासी सीतापुर थाना लौर के साथ मिलकर विकास गिरी की हत्या की थी। इसके बाद शव को जंगल में फेंककर छुपा दिया। बयान के बाद अपराध क्रमांक 710/22 आईपीसी धारा 302, 201, 34 का प्रकरण दर्ज किया गया।

जीजा ने मारा डंडा तो मर गया
बहनों से छेड़खानी की जानकारी ली, तो घर वालों ने बताया कि विकास गिरी छेड़ रहा था। हम लोगों को देखकर विकास गिरी भागने लगा। तब मैं और जीजा ने पीछा किया। तभी जीजा ने एक डण्डा से मारा तो वह मर गया। तब हम दोनों ने मिलकर विकास गिरी का हाथ पैर रस्सी में बांधकर दुधमनिया जंगल में फेंक दिए।

Related Topics

From Around the Web

Latest News