सीधी का चर्चित कथावाचक फंसा! B.Ed. एडमिशन के नाम पर 'बाबा' का खेल: नशीला लड्डू, आध्यात्मिक प्रेम और फिर FIR

 
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ऋतुराज द्विवेदी (राज्य ब्यूरो) धार्मिक प्रवचन देने वाले सीधी जिले के एक कथावाचक पर अत्यंत गंभीर आरोप लगे हैं। बिहार की राजधानी पटना के एक थाने में आरोपी के खिलाफ धोखे से दुष्कर्म करने, आर्थिक धोखाधड़ी करने तथा धमकियाँ देने के संबंध में मामला दर्ज कराया गया है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे धार्मिक और सामाजिक हलकों में काफी हलचल मच गई है।

बाबा 8 साल से कथा का वाचन कर रहे हैं।

बाबा 8 साल से कथा का वाचन कर रहे हैं।

धार्मिक मंच से परिचय और दाखिले के नाम पर धोखा
शिकायतकर्ता युवती के अनुसार, उसकी आरोपी शिव मूरत उपाध्याय (उर्फ सुदामा) से पहली मुलाकात वर्ष 2012-13 के आसपास एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुई थी। आरोपी सीधी जिले के नरगी गांव का निवासी है और पिछले कई वर्षों से कथा वाचन का कार्य कर रहा है।

साल 2023 में जब युवती ने बी.एड (B.Ed.) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने की इच्छा जताई, तब आरोपी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के सीधी में उसके परिचितों के कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं। उसने युवती को आश्वासन दिया कि वह उसकी फीस में रियायत दिलवा देगा और उसे केवल परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आना पड़ेगा। इस काम के एवज में आरोपी ने एक लाख रुपये की राशि ले ली। युवती का विश्वास हासिल करने के लिए उसने वाराणसी में अपने रिश्तेदारों से भी पीड़िता का परिचय करवाया था।

नशीला पदार्थ देकर शोषण का सनसनीखेज आरोप
घटनाक्रम के अनुसार, युवती जून 2024 में बी.एड की परीक्षा देने मध्य प्रदेश आई थी। परीक्षा समाप्त होने के उपरांत 29 जून 2024 को आरोपी उसे अपने गांव ले गया। आरोप है कि वहाँ उसने खाने-पीने की सामग्री और प्रसाद स्वरूप लड्डुओं में कोई नशीली दवा मिला दी।

जब युवती की तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसे एक और गोली खिला दी गई, जिससे उसका शरीर पूरी तरह शिथिल (निढाल) हो गया। पीड़िता का कहना है कि यद्यपि वह होश में थी, परंतु विरोध करने की शारीरिक स्थिति में नहीं थी। इसी का लाभ उठाकर आरोपी ने उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाए। इसके पश्चात शादी का झांसा देकर वह लगातार पीड़िता का शोषण करता रहा।

'आध्यात्मिक प्रेम' का ढोंग और ब्रह्मचर्य का तर्क
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी ने इसे धर्म और अध्यात्म का चोला पहनाने का प्रयास किया। उसने युवती से कहा कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है, बल्कि उसे बिना किसी औपचारिक विवाह के अपनी 'अर्द्धांगिनी' मान लिया है।

मानसिक दबाव बनाने के लिए आरोपी ने यहाँ तक तर्क दिया कि उसने युवती के प्रेम के कारण वर्षों की तपस्या, संयम और अपना 'ब्रह्मचर्य' दांव पर लगा दिया है। उसका कहना था कि साधना उसने गंवाई है और लाभ युवती का हुआ है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने इस प्रकार की अनर्गल बातें कहकर उसे कानूनी शिकायत दर्ज कराने से रोकने और मानसिक रूप से भ्रमित करने की कोशिश की।

नेताओं से नजदीकी और पीड़िता को धमकियों का सिलसिला
पीड़िता के अनुसार, अगस्त 2025 में आरोपी ने अचानक उससे संपर्क समाप्त कर दिया। जब उसने न्याय की गुहार लगाई और शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी और उसके परिजनों ने स्पष्ट इंकार कर दिया। आरोप है कि पीड़िता को यह कहकर डराया गया कि पुलिस या कानून उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता, क्योंकि आरोपी के संबंध कई प्रभावशाली नेताओं, सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों से हैं।

इसके बाद पीड़िता को अज्ञात नंबरों से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियाँ भी दी जाने लगीं। अंततः, पीड़िता ने पटना के गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में जाकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी कथावाचक का पक्ष और सफाई
दूसरी ओर, आरोपी कथावाचक शिव मूरत उपाध्याय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उसने इसे अपनी सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।
आरोपी का कहना है कि उसने न तो बी.एड के नाम पर कोई पैसे लिए हैं और न ही पीड़िता के साथ कोई गलत कार्य किया है। सार्वजनिक हस्तियों और नेताओं के साथ अपनी तस्वीरों पर सफाई देते हुए उसने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कार्यक्रमों के दौरान कई लोगों के साथ चित्र खिंच जाते हैं, इसका मामले से कोई लेना-देना नहीं है। आरोपी ने न्यायपालिका और पुलिस जांच पर पूरा भरोसा जताया है।

कानूनी प्रक्रिया और दर्ज एफआईआर की स्थिति
फिलहाल, पटना के गर्दनीबाग थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही है। मध्य प्रदेश और बिहार पुलिस के बीच समन्वय के जरिए मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

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