IND vs ENG: भारत को हुआ नुकसान, 5/0 के स्कोर से शुरू हुई इंग्लैंड की दूसरी पारी,अश्विन ने की बड़ी गलती

 
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IND VS ENG : इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे मुकाबले में रविचंद्रन अश्विन ने एक बड़ी गलती की। राजकोट में मैच के दूसरे दिन शुक्रवार (16 फरवरी) को उनकी लापरवाही से इंग्लैंड को फायदा हुआ। इस कारण इंग्लिश टीम ने अपनी दूसरी पारी 5/0 के स्कोर से शुरू की। इसका मतलब यह हुआ कि उसे बिना किसी मेहनत के पांच रन मिल गए। अश्विन ने पहली पारी में 89 गेंद पर 37 रन बनाए। उन्होंने छह चौके लगाए।

दरअसल, अश्विन अपनी पारी में पिच के बीच दौड़ते हुए पाए गए। अंपायर जोएल विल्सन ने इंग्लैंड को पांच रन तोहफे में दे दिया। यह घटना भारतीय पारी के 102वें ओवर में घटी। लेग स्पिनर रेहान अहमद ने अश्विन को एक फ्लाइटेड गेंद फेंकी, इसे उन्होंने ऑफ साइड की ओर धकेल दिया। अश्विन सिंगल लेने के लिए निकल पड़े, लेकिन नॉन-स्ट्राइकर ने उन्हें वापस भेज दिया।

पांच रन कैसे जुड़ेंगे?

जब यह वाकया हुआ तो अश्विन अंपायर से बात करने गए। दोनों के बीच काफी देर तक बहस हुई, लेकिन अंपायर फैसले पर टिके रहे। अंपायर ने पेनल्टी में पांच रन का इशारा किया। पांच रन भारत के कुल योग से काटे नहीं गए। यह इंग्लैंड के स्कोर में जोड़ा गया। पांच रन उसके किसी भी बल्लेबाज के व्यक्तिगत स्कोर में भी नहीं जुड़ा। यदि क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम इंग्लैंड पर पांच रन का जुर्माना लगाया गया होता, तो इसे बल्लेबाजी टीम के स्कोर में जोड़ा जाता। यह अतिरिक्त के रूप में दर्ज होता।

क्या अश्विन ही एकमात्र दोषी था?

अश्विन सिर्फ इकलौते दोषी नहीं है। मैच के पहले दिन रवींद्र जड़ेजा को पिच के संरक्षित क्षेत्र में दौड़ने के कारण चेतावनी दी गई थी। जब उन्होंने दूसरी बार ऐसा किया तो अंपायर ने पहली और आखिरी चेतावनी दी थी। यह चेतावनी पहली पारी में पूरी भारतीय टीम के लिए थी। अश्विन ने जब मैच के दूसरे दिन ऐसा किया तो अंपायर ने इंग्लैंड को पांच रन तोहफे में दे दिया।

पिच के बीच से दौड़ना एक समस्या क्यों है?

पिच के बीच दौड़ना 'अनफेयर प्ले' के दायरे में आता है। यह एमसीसी कानून 41.14 में शामिल है। पिच के बीच से दौड़ना पिच को नुकसान पहुंचाने का प्रयास माना जाता है।  इस नियम का लक्ष्य पिच के एक खास क्षेत्र को बचाए रखना है

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