दुर्लभ कश्यप गैंग कनेक्शन : उज्जैन में शिप्रा नदी के पास 2 युवकों दौड़ा-दौड़ाकर मारा, 5 हमलावर गिरफ्तार

 
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MP NEWS : उज्जैन में शिप्रा नदी के पास 2 युवकों को बुरी तरह पीटा गया। एक युवक वहीं गिर पड़ा, जबकि दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर मारा। हमलावर रॉड, लाठी और डंडे लेकर टूट पड़े। युवक की बाइक भी नदी में फेंक दी।

हमला कराने वाला मुख्य आरोपी पीड़ित युवक का दोस्त है। उसका दुर्लभ कश्यप गैंग (Durlabh Kashyap Gang) से भी कनेक्शन जुड़ चुका है। वह हत्या के केस में इसी महीने बरी हुआ है। इस मर्डर केस में दुर्लभ भी आरोपी था। दुर्लभ की 2020 में हत्या हो चुकी है।

झगड़ा मकान पर कब्जे को लेकर है। घटना रविवार की बताई जा रही है। इसका VIDEO सामने आने पर पुलिस ने 5 हमलावरों को गिरफ्तार किया है। नीलगंगा पुलिस (Nilganga Police) ने बताया कि गोविंद माली और उसके दोस्त विजय बरगुंडा (निवासी कुत्ताबावड़ी क्षेत्र) को घेरकर हमला किया गया है। रविवार को गोविंद गऊघाट पाले के पास रहने वाली बहन से मिलने आया था। लौटते समय वहीं के रहने वाले राहुल माली ने 8-10 साथियों के साथ गोविंद और उसके साथी विजय को घेर लिया।

गोविंद पर रॉड से कई वार किए। इसमें वह गंभीर घायल हो गया। उसे पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गोविंद के साथी ने भागकर अपनी जान बचाई। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि 5 हमलावरों के खि  biलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया है। नदी में फेंकी बाइक भी निकाल ली है।

पुलिस ने 5 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। नदी में फेंकी बाइक को भी निकाल लिया। हमले का मुख्य आरोपी पीड़ित युवक का दोस्त था। दोनों में मकान पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है।

हमलावर और घायल दोस्त हैं
घायल गोविंद और हमलावर राहुल पहले दोस्त हैं। गोविंद ने साल 2018 में नीलगंगा कलाली के बाहर एक व्यक्ति की हत्या की थी। बताते हैं कि इसमें राहुल भी सहयोगी रहा। एक साल पहले ही गोविंद बरी हुआ। गोविंद का आरोप है कि राहुल ने उसके मकान पर कब्जा कर लिया। नीलगंगा पुलिस को कब्जे और रुपए की झगड़े की बात भी पता चली है।

पुलिस निकालेगी जुलूस
नीलगंगा पुलिस ने 5 हमलावरों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। इनमें राहुल माली, शुभम और लक्की शामिल हैं। वीडियो के आधार पर भी पुलिस हमलावरों को चिह्नित कर धरपकड़ में लगी हुई है। हमलावरों ने जिस बर्बरता से हमला किया, उसे लेकर पुलिस हमलावरों का जुलूस भी निकालेगी। अधिकारियों ने कहा कि इनका आपराधिक रिकॉर्ड चेक करवा रहे हैं।

दुर्लभ गैंग से कनेक्शन
हमले में घायल गोविंद माली ने बताया कि वह शहर के मालीपुरा में सब्जी की दुकान लगाता है। रविवार शाम साथी विजय के साथ घर जा रहा था, तभी शुभम, सुमित, नीलेश, संदीप, भूरा उर्फ राज माली ने राहुल माली के कहने पर हमला किया। राहुल ने मेरे घर पर ढाई महीने से कब्जा कर रखा है।

दुर्लभ कश्यप गैंग के 2 बदमाशों को 14 नवंबर को कोर्ट ने जिला अस्पताल में हुई हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले में अभियुक्त राहुल माली और बाबू टायर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। इस केस में दुर्लभ का भी नाम था, लेकिन 2020 में उसकी हत्या हो गई थी।

मामला ये था...
हत्या के इस केस में फरियादी जयप्रकाश के दोस्त प्रदीप खत्री को 11 जनवरी 2018 की रात किसी ने सोमवारिया चौराहे के पास चाकू मारकर घायल कर दिया था। वह उसे देखने अपने दोस्त कान्हा और गोलू के साथ बाइक से अस्पताल पहुंचा था। अस्पताल में पहले से मौजूद दुर्लभ कश्यप, राजदीप मंडलोई, हेमंत उर्फ बोखला, सोनू ठाकुर, तुषार खत्री ने जप्रकाश और उसके दोस्तों पर चाकू से हमला कर दिया था। पेट में चाकू लगने से कान्हा की मौत हो गई थी।

जयप्रकाश ने कोतवाली पुलिस को 12 जनवरी 2018 को इंदौर के निजी अस्पताल में आरोपियों के खिलाफ बयान दिए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों पर हत्या की धारा 302 और जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत केस दर्ज किया था। कोर्ट ने हेमंत उर्फ बोखला और तुषार खत्री को दोषी करार देते हुए दोनों को धारा 302 आजीवन कारावास और धारा 307/149 छह-छह साल कैद की सजा सुनाई।

इन्हें किया बरी
कोर्ट ने मामले में अभियुक्त राहुल और बाबू टायर को बरी कर दिया। जबकि दुर्लभ कश्यप की सितंबर 2020 में हेलावाड़ी क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। हत्या वाले दिन वह सुबह चाय और सिगरेट पीने के लिए एक दुकान पर गया था। यहां उसका शाहनवाज गैंग से विवाद हो गया था। शाहनवाज गैंग ने दुर्लभ की हत्या कर दी थी।

कौन था दुर्लभ कश्यप

सितंबर 2020 के गैंगवार में मारा गया गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप कभी सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हुआ करता था। दुर्लभ ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर कुख्यात बदमाश और नामी अपराधी लिख रखा था। उसने अपने पेज पर ये भी लिख रखा था- किसी भी तरह के विवाद निपटारे के लिए संपर्क करें। उसकी बदमाशी स्टाइल के खासकर टीनएजर्स फैन हो रहे थे। पढ़ाई-लिखाई छोड़कर यूथ्स और टीनएजर्स दुर्लभ कश्यप से तेजी से जुड़ रहे थे। उसकी तरह बनना चाहते थे। उसके ढेरों फॉलोअर्स थे। अब आपके मान में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर कौन है दुर्लभ कश्यप? तो बता दें, उसकी पहचान थी- माथे पर तिलक, आंखों में सूरमा, कंधे पर गमछा...।

दुर्लभ कश्यप उज्जैन जिले के जीवाजीगंज के अब्दालपुरा में 8 नवंबर 2000 को पैदा हुआ था। मां सरकारी टीचर थी। दुर्लभ अपनी मां के करीब था। इसलिए वह मां के साथ उज्जैन में ही रहता था। पिता इंदौर में रहते थे। उज्जैन में ही रहकर वह पढ़ाई कर रहा था। उसे बिल्लियां बहुत पसंद थी। करीबी बताते हैं, वो बिल्लियां पालने का शौकीन था। 15 साल की उम्र से उसने हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालनी शुरू कर दी थीं। लोगों को धमकाता था। सोशल मीडिया पर अपनी बदमाशी का प्रचार करता था।

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