REWA : कलेक्टर के पास न्याय की गुहार लगाने पहुँचे किसान कहा, समस्या नहीं सुन सकते तो आत्महत्या की अनुमति दे दीजिए


रीवा। जिले के मांगी धान खरीद केन्द्र से किसानों धान गायब किए जाने के मामले में अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि लगतार शिकायतें लेकर किसान स्थानीय अधिकारियों से लेकर कलेक्टर के पास तक पहुंच रहे हैं। एक बार फिर किसानों का प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और अपनी व्यथा सुनाई।

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शिकायत लेकर आए किसानों ने बताया कि वह धान खरीद केन्द्र लेकर आए थे, जहां कई दिनों तक तौल के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके बाद समिति प्रबंधक ने अपने बारदाने में धान भरकर उसकी तौल की और किसानों को कोई पर्ची नहीं दी। उस दौरान कहा गया कि पोर्टल में कुछ तकनीकी समस्या की वजह से अभी पर्ची नहीं दी जा रही है। बाद में दी जाएगी।

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शुरुआत के कुछ दिनों तक तो किसान धान की रखवाली करते रहे लेकिन बाद में समिति प्रबंधक ने अपने चौकीदार से उसकी सुरक्षा कराई। बीते महीने एक दिन समिति प्रबंधक ने किसी व्यापारी को धान बेच दी। जो वहां से धान उठाकर ले गया है। अब किसानों से कहा जा रहा है कि उस धान की खरीदी ही नहीं हुई थी। किसानों ने बताया कि कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई करेंगे। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से लगातार चक्कर लगाना पड़ रहा है।

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इस बार 70 किसानों की ओर से शपथ पत्र में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे और कलेक्टर से मांग उठाई है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है तो सभी को सामूहिक रूप से आत्महत्या किए जाने की अनुमति दी जाए। उसी खरीद केन्द्र में ही सभी किसान आत्महत्या करेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने बताया कि कलेक्टर से जांच की मांग उठाई जा रही है लेकिन वह पहले ही अपना निर्णय सुनाकर दोषी कर्मचारी, अधिकारियों को क्लीनचिट दे रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की जाएगी।


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