SACHIN PILOT LIVE : राजस्थान में जारी सियासी घमासान ,सचिन पायलट का कांग्रेस छोड़ना तय


राजस्थान में जारी सियासी घमासान से बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। कल तक बगावती तेवर दिखाते नजर आ रहे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट  ने साफ कर दिया है कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। एक टीवी चैनल से बातचीत में देर रात उन्होंने यह बात कही। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या सचिन पायलट अलग पार्टी बनाएंगे। यदि ऐसा होता है तो वे गुर्जर समाज को लेकर नई पार्टी बना सकते हैं। इस बीच, सचिव पायलट का कांग्रेस से बाहर होना लगभग तय है। विधायक दल की बैठक जयपुर में चल रही है और सचिन पायलट अपने समर्थक एक दर्जन विधायकों के साथ दिल्ली तथा मानेरस में हैं। ऐसे में ये लोग व्हीप का उल्लंघन करने का मन बना चुके हैं। Sachin Pilot के हवाले से कहा जा रहा है कि वे विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने की बात कह चुके हैं।


विधायक दल की बैठक के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह व्हीप जारी कर दिया है। यानी जो विधायक इस बैठक में शामिल नहीं होगा, उसकी विधायकी खतरे में आ जाएगी। विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव रखा जाएगा कि जो विधायक बैठक में मौजूद नहीं हैं, उन्हें अयोग्य करार कर दिया जाए।


राजस्थान विधानसभा का गणित: राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं और बहुमत के लिए 101 विधायकों का समर्थन जरूरी है। अभी कांग्रेस के पास अपने 107 विधायक हैं और 13 निर्दलीयों के सहयोग से वह सरकार चला रही है। भाजपा के अपने 72 और 8 सहयोगी हैं।


कांग्रेस कर रही बहुमत का दावा: इस बीच, कांग्रेस ने बहुमत का दावा किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके पास 110 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि Sachin Pilot  और उनके समर्थक विधायक बैठक में आते हैं या नहीं। बीते दिनों, जब अशोक गहलोत ने अपने मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी, तब भी च्ठ्ठड़ण्त्द घ्त्थ्दृद्य शामिल नहीं हुए थे। सचिन पायलट ने रविवार को कहा था कि उन्हें 30 विधायकों का समर्थन हासिल है और इस तरह अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है।


भाजपा ने कांग्रेस पर कसा तंज: राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कल कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि मुझे कांग्रेस को लेकर चिंता हो रही है। क्या हम तब जागेंगे जब सभी घोड़े अस्तबल से भाग जाएंगे। इस पर राजस्थान भाजपा के नेता ओम माथुर ने सोमवार को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि घोड़े वहीं जाएंगे जहां हरियाली होगी।

राजीव गांधी फाउंडेशन के साथ काम करने वाले विधायक पर सरकार गिराने के प्रयास का आरोप


राजस्थान में जिन तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ सरकार को गिराने के प्रयास और खरीद-फरोख्त को लेकर मामला दर्ज किया गया है, वे अब जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। रविवार को इनके खिलाफ राज्य भ्रष्टचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने छानबीन शुरू कर दी। इन विधायकों ने कहा कि वे कांग्रेस के साथ हैं। उनके बारे में गलत निर्णय किया गया है। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया गया, जिससे उनके खिलाफ जांच हो। इसमें से एक निर्दलीय विधायक खुशबीर सिह जोजावर तो पिछले दो दशक से राजीव गांधी फाउंडेशन के साथ जुड़े हुए हैं।




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