REWA : विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल में शवों की अदला-बदली पर रीवा कमिश्नर की सबसे बड़ी कार्यवाही : डॉक्टरों में मचा हड़कंप


रीवा. कोरोना काल में अस्पतालों में घोर लापरवाही उजागर हो रही है। मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी कई कोविड केयर अस्पतालों में कोरोना से मृत लोगों के शव ही बदल दिए जा रहे हैं। ऐसा प्रकरण जहां मध्य प्रदेश के रीवा में सामने आया था, वहीं उत्तर प्रदेश के अति विशिष्ट माने जाने वाले शहर बनारस में भी एक ऐसा ही प्रकरण सामने आया था। 


लेकिन रीवा प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और इस लापरवाही के लिए कमिश्नर राजेश कुमार जैन ने एक चिकित्सक की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। नोटिस का मुकम्मल जवाब न मिलने की सूरत में संबंधित जिम्मेदार चिकित्सक जो एक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर हैं की दो वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। कमिश्नर का यह फैसला औरों के मामले में नजीर बन सकता है। हालांकि फिलहाल कमिश्नर के इस फैसले से डॉक्टरों के बीच हड़कंप मचा है।


बता दें कि संजय गांधी अस्पताल में भर्ती मरीज खुशीराम राजपाल की मौत आठ अगस्त को सुबह साढ़े 4 बजे हुई। उस समय मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. हंसराज बघेल ड्यूटी पर तैनात थे, लेकिन रोगी की मौत के बाद शव की पैकिंग, टैगिंग तथा सही लेबिल न लगाने के कारण स्व.खुशीराम के स्थान पर स्व.विवेक कुशवाहा का शव दाह संस्कार के लिए नगर निगम रीवा को सौंप दिया गया। इसके कारण स्व. कुशवाहा के स्वजनों को अंतिम संस्कार के लिए शव प्राप्त नहीं हो सका। इसे स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का उल्लघंन तथा कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए दो वार्षिक वेतन वृद्घियां रोकने का नोटिस दिया है।


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