MP LIVE : राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश से जन-जीवन प्रभावित, 24 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी


भोपाल. मध्यप्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार शाम से लगातार बारिश हो रही है। राजधीनी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश से जन-जीवन प्रभावित हो गया है। भोपाल में शनिवार सुबह से ही बारिश हो रही है। शुक्रवार रात तक ही राजधानी में करीब आधा इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं मौसम विभाग का कहना है बीते कुछ दिनों से बंगाल की खाड़ी में बना कम दवाब का क्षेत्र का असर अब मध्यप्रदेश में असर दिखा रहा है।


इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, हौशंगाबाद और बैतूल जिलों में अत्यधिक बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। इन जगहों पर रेड अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही कटनी, जबलपुर, मंडला, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, धार और श्योपुर जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। इन जगहों पर विभाग में आरेंज अलर्ट जारी किया है।


खतरे के निशान पर नर्मदा
होशंगाबाद में रात 12 बजे नर्मदा का जलस्तर 963 फीट पर थे। नर्मदा नदी खतरे के निशान से सिर्फ एक फीट कम है। लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन और लोगों की समस्याएं बढ़ा दी हैं।


कई नादियां उफान पर
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण प्रदेश में फिर से बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ के हालत हैं। वहीं, दूसरी तर प्रदेश की सभी प्रमुख नादियां उफान पर हैं। नादियों के उफान के कारण कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। वहीं, कई बांधों का जलस्तर बढ़ गया जिस कारण गेट खोलने पड़े हैं।


किस बांध के कितने गेट खुले
इंदिरा सागर डैम के 12 गेट, ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट, तवा के 13 गेट, बारना के 8 गेट और बरगी डैम के 17 गेट खोल दिए गए हैं। शुक्रवार की रात को भीमगढ़ बांध के 10 गेट खोले गए हैं और उनसे 1,25,000 (एक लाख पच्चीस हजार )क्यूसेक पानी वैनगंगा नदी में छोड़ा गया है।


अपडेट्स
सागर में तेज बारिश में राहतगढ़ क्षेत्र में उफान पर आई बावना नदी की बाढ़ में फसे 6 ग्रामीण फंस गए। जिन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इन्हें बचाने के लिए करीब तीन घंटे तक होमगार्ड और आपदा प्रबंधन में जुटे जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 


रायसेन में बारिश का पानी गांव और घरों में भरे करने के कारण करीब 60 परिवार प्रभावित हुए हैं। घरों में पानी भरने से गृहस्थी का सामान, खाने-पीने का सामान, अनाज, बिस्तर आदि सभी भीग गए हैं । 6-7 मकान भी धराशाई हुए हैं।


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