MP : किसानों के हित में कानून : केंद्रीय कृषि कानूनों की सफलता पर लगी मुहर, CM शिवराज ने कहा ये ...

भोपाल। केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने में भाजपा मध्य प्रदेश में अब पूरी शिद्दत से जुट गई है। होशंगाबाद जिले के पिपरिया में कांट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर नए कानूनों के तहत किसानों को न्याय मिलने की पहली कार्रवाई ने भाजपा और प्रदेश सरकार का उत्साह बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा है कि होशंगाबाद जिले में कांट्रैक्ट फार्मिंग के तहत की गई कार्रवाई साबित करती है कि नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं।

पुनः नियुक्त नहीं होंगे अतिथि शिक्षक, प्राइमरी के टीचर पढ़ाएंगे हाई स्कूल के बच्चों को 

मालूम हो, पिपरिया में फार्च्यून राइस कंपनी ने किसानों से अनुबंध के बाद भी धान की खरीद नहीं की। किसान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज पटेल के नेतृत्व में अधिकारियों से मिले। इसके बाद कंपनी किसानों को कांट्रैक्ट के तहत भुगतान करने को राजी हुई।

कोरोना वार्ड की बिजली गुल होने से कांग्रेस नेता की मौत, लापरवाही पर डीन और अधीक्षक को थमाया नोटिस

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों से किसानों को अपनी उपज का मूल्य निर्धारित करने और उसे किसी को भी बेचने की स्वतंत्रता मिलेगी। इससे किसी को क्या परेशानी है। मंडिया बंद नहीं की जा रही हैं बल्कि हम तो इस दिशा में और सुविधाएं दे रहे हैं। उधर, अब प्रदेश भाजपा ने तय किया है कि किसानों तक कानून के हर पहलू को पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पार्टी के बड़े नेता संभागों में जाकर सम्मेलन करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इसमें होशंगाबाद जिले की कार्रवाई को उदाहरण के तौर पर पेश किया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि हर किसान तक यह बात पहुंचाई जाए कि कृषि कानून उनके हित में हैं।

प्रदेश को आंदोलन से अछूता रखने की कोशिश

पार्टी की प्रदेश इकाई ने 14 से 16 दिसंबर तक जनजागरण अभियान चलाने का कार्यक्रम तय किया है। केंद्रीय मंत्रियों, प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित राज्य सरकार के मंत्रियों और अन्य प्रमुख नेताओं को किसानों के बीच भेजा जाएगा। ये सभी किसानों के बीच कानूनों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम दूर करेंगे और कानूनों से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी देंगे। दरअसल, प्रदेश में इस आंदोलन का खास असर नहीं है, लेकिन आगे भी इसका असर न हो, इसलिए पार्टी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है।

इनका कहना है

कृषि कानून किसानों के हित में हैं। यह क्रांतिकारी कदम है। इससे किसानों को अपनी उपज कहीं भी बेचने का अधिकार मिलेगा। वे अधिकार संपन्न् होंगे।

कमल पटेल, कृषि मंत्री, मध्य प्रदेश

किसानों को आय दोगुनी करने के नाम पर वर्षों से ठगा जा रहा था। चुनाव के समय किसानों की बातें होती थी, फिर पांच साल उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता था। मोदी सरकार ने कृषि कानूनों में जो परिवर्तन किया है, उससे किसानों की आय दोगुना होगी। अब मंडी के दलाल किसान की उपज की कीमत तय नहीं करेंगे बल्कि किसान खुद उपज का दाम तय करेगा।

रामेश्वर शर्मा, सामयिक अध्यक्ष, मध्य प्रदेश विधानसभा

देश के कई हिस्सों में नए कृषि कानूनों को लेकर गलतफहमी है। पार्टी इन कृषि कानूनों के उद्देश्य जनता तक सीधे पहुंचाना चाहती है।

Powered by Blogger.