MP : शिक्षा विभाग में पेंशन प्रकरण निपटाने के लिए दलाल सक्रिय, शहर में जमे हैं ग्रामीण स्कूलों के बाबू : कलेक्टर तैयार करवा रहे सूची, खत्म होगा बाबुओं का अटैचमेंट

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इंदौर। शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सैकड़ों पेंशन प्रकरण लंबित हैं। इन प्रकरणों का निपटारा करने के लिए शिक्षा विभाग के जिला कार्यालय से लेकर विकासखंड, संकुल और पेंशन कार्यालय के बीच कुछ दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। दूसरी तरफ जिला शिक्षा कार्यालय में कई ऐसे बाबू अटैचमेंट करवाकर जमे हैं। उनकी मूल पदस्थापना तो ग्रामीण क्षेत्र के सांवेर, देपालपुर, महू आदि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में है, लेकिन वे सिफारिश और जुगाड़ के दम पर इंदौर शहर में बैठे हैं।

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दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र के संकुल स्कूलों के कर्मचारियों के इंदौर जिला मुख्यालय पर बेवजह अटैचमेंट के कारण ग्रामीण क्षेत्र में काम करने में मुश्किल आ रही है। कलेक्टर मनीषसिंह के पास ऐसे बाबुओं और दलालों की शिकायत पहुंची है। वे शहर में बेवजह जमे बाबुओं की सूची तैयार करवा रहे हैं। ऐसे बाबुओं को वापस उनके मूल कार्यस्थल भेजा जाएगा। पेंशन कार्यालय के बारे में भी शिकायत मिल रही हैं कि यहां के एक बाबू छोटी-छोटी चीजों पर पेंशन प्रकरणों को अटका रहे हैं। जब सेवानिवृत्त कर्मचारी सेवा पुस्तिका में विभाग से एक कमी पूरी करवाकर लाता है तो बाद में फिर नई कमी निकालकर उनको परेशान किया जाता है।

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एवजी बनकर काम कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी

कुछ संकुल प्राचार्यों ने तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ही समानांतर रूप से पेंशन प्रकरण निपटाने के लिए अपने पास रख लिया है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को अपने दस्तावेज इन एवजी बाबुओं को ही देना पड़ता है। विजय नगर के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में प्राचार्य शबाना शेख के पास ऐसे ही एक सेवानिवृत्त कर्मचारी सुल्तान खान काम करते हैं। विजय नगर संकुल में एक साल से करीब 12 पेंशन प्रकरण अटके हुए हैं। कलेक्टर के पास यह शिकायत भी पहुंच चुकी है।

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