सतना से रीवा तक बवाल : RPF लाॅकअप में सुसाइड पर बड़ा एक्शन / एक TI, दो SI समेत दो कॉन्स्टेबल लाइन अटैच, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू

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सतना में रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) के लॉकअप में चोरी के संदेही के सुसाइड मामले में एक TI, दो SI समेत दो कॉन्स्टेबलों को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू हो गई है। साथ ही, रेलवे मुख्यालय ने जांच रिपोर्ट के 6 बिंदु बनाए हैं। इनके आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें, तो आगे की जांच रिपोर्ट न प्रभावित हो, इसलिए पांच लोगों को लाइन अटैच किया गया है। हालांकि एक साथ आरपीएफ पोस्ट से तीन जिम्मेदारों के हटाने के बाद नए निरीक्षक की अभी तक नियुक्ति नहीं की गई है, जबकि अधिकारियों का दावा है, एक-दो दिन में नए निरीक्षक को नियुक्ति की जाएगी।

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बताया गया, बुधवार शाम 5 से 6 बजे के बीच RPF के लॉकअप में चोरी के संदेही ने सुसाइड कर लिया है। मामले पर RPF ने मामले में चुप्पी साध रखी थी। आनन-फानन में शव जिला अस्पताल में रखवाने के बाद आरपीएफ के आला अधिकारियों को सूचना दी गई। जानकारी के बाद रात करीब 12 बजे जबलपुर से कमांडेंट भी सतना पहुंचे। घटना के करीब 8 घंटे बाद GRP को सूचना दी गई।

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मामले में बुधवार रात से गुरुवार को पूरा दिन सतना से लेकर रीवा तक बवाल मचा था। पीएम के समय मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए थे। वे हत्या का आरोप लगाते हुए शव का पीएम नहीं होने दे रहे थे। यहां आरपीएफ के कमांडेंट अरुण​ त्रिपाठी, आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट सुरेश मिश्र, एसडीएम सिटी राजेश शाही, सीएसपी विजय सिंह, जीआरपी की एएएसपी प्रतिभा पटेल, जीआरपी के डीएसपी लोकेश मार्को ​सहित सिटी कोतवाली टीआई एमएस उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

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ये है जांच रिपोर्ट का आधार

1- पीएम रिपोर्ट

बताया गया ​कि जेएमएफसी न्यायाधीश शिशिर शुक्ला की मौजूदगी में चिकित्सकों के पैनल ने पोस्ट मार्टम किया है। टीम में डॉ. एसपी तिवारी, डॉ. एमएस पाण्डेय और डॉ. स्वर्णकार शामिल रहे।

2- एफएसएल रिपोर्ट

रीवा पुलिस के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. आरपी शुक्ला की के नेतृत्व में घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया। साथ की घटना के संबंध में अहम साक्ष्य जुटाए गए।

3- बिसरा रिपोर्ट

पोस्ट मार्टम के समय लिया गया बिसरा सैंपल सागर लैब भेजा गया है। बायोलाॅजी लैब के लिए शरीर के विभिन्न अंगों का बिसरा लिया गया था। जिसकी भी जांच रिपोर्ट अहम हो सकती है।

4- सीसीटीवी कैमरे का फुटेज

आरपीएफ के कमाडेंट अरुण त्रिपाठी ने घटना के दिन मीडिया से दावा किया था कि स्टेशन और आरपीएफ पोस्ट के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज जांच का अहम हिस्सा है। हर प्रकार के फुटेल खंगाले जा रहे हैं।

5- देर से मेमो देने का कारण

जीआरपी का दावा है कि सबसे पहले बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात्रि 1.45 में जिला अस्पताल से सूचना आई थी। इसके बाद आरपीएफ ने रात 2.35 में मेमो भेजा था। आखिर शाम के घटनाक्रम को आधी रात तक छिपाए रखने की क्या कारण था।

6- परिजनों का बयान

मृत युवक के भाई ललित पासी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके भाई को लॉकअप में मारा गया है। उसके घर आरपीएफ के दो पुलिस जवान आए थे। जिन्होने भाई की फोटो दिखाई थी। बाद में फोन कर भाई के आत्महत्या की जानकारी दी थी। पीएम के समय दिखा है कि उसके नाक में खून था। अगर कोई आदमी फांसी लगाता है, तो क्या नाक से खून निकलता है!

इनको किया गया लाइन अटैच

जबलपुर स्थित आरपीएफ मुख्यालय के सूत्रों की मानें तो आरपीएफ पोस्ट सतना के निरीक्षक मान सिंह, एसआई मुख्त्यार खान, एसआई लोकेश पटेल, कॉन्स्टेबल पंकज सिंह सहित आरपीएसएफ के आरक्षक जोगिंदर यादव का नाम शामिल है

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