MP : कोरोना जागरुकता का दिखा अच्छा परिणाम : दो महीने से कोरोना संक्रमण से एक भी मौत नहीं, बिलकुल भी न करें लापरवाही, नियम का करें पालन

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इंदौर .विश्वव्यापी महामारी कोरोना का प्रकोप जो एक समय में भयावह हो गया था, अब स्थिति लगभग सामान्य है। कई दिनों से अब इक्का-दुक्का लोग ही संक्रमित मिल रहे हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या भी घटकर अब मात्र 15 ही रह गई है। सबसे खास बात यह कि पिछले दो महीने से कोरोना संक्रमण से एक भी मौत नहीं हुई है जबकि अप्रैल-मई में कोरोना की दूसरी जानलेवा लहर काफी तादाद में लोगों की मौत हुई थी। संक्रमण व मौतों पर नियंत्रण का खास कारण सामूहिक जागरुकता व विभागों के प्रयास हैं जिसके चलते ऐसी सुखद स्थिति बनी है।

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21 जून को जब देशव्यापी वैक्सीनेशन महाभियान शुरू हुआ था तब भी इंदौर में मौतों पर काफी हद तक नियंत्रण था। 10 दिनी इस अभियान के बीच 29 जून को कोरोना से एक मरीज की मौत हुई थी। इसके बाद करीब 15 दिन पहले एक दिन में 7 संक्रमित मिले और फिर संख्या कम होती गई। अब 30 अगस्त तक यानी दो महीनों में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। 29 अगस्त की रात जो मेडिकल बुलेटिन जारी हुआ उसमें 2 संक्रमित पाए गए जबकि 15 एक्टिव मरीज पाए गए। उनमें से भी एक भी गंभीर नहीं है। ये संकेत जल्द कोरोना की रवानगी के जरूर दिख रहे हैं लेकिन फिर भी अभी लंबे समय तक एहतियात बरतनी होगी। कलेक्टर मनीषसिंह खुद कई बाहर अपील कर चुुके हैं कि अभी लोगों को लंबे समय तक मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा।

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संक्रमण व मौतों पर नियंत्रण के खास कारण

सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स व फ्रंट लाइन वर्कर्स के बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू किया। इसमें ऐसे बुजुर्ग जो किडनी, अस्थमा, बीपी, डायबिटीज आदि बीमारियों से ग्रस्त थे, उन्हें वैक्सीन लगने से सुरक्षा कवच मिला और संक्रमित नहीं हुए। कुछेक हुए तो भी स्थिति क्रिटिकल नहीं हुई।

शहरी क्षेत्र में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के पहले डोज का 100 फीसदी वैक्सीनेशन।

स्थिति अनुसार सार्वजनिक आयोजनों, जुलूसों, रैली आदि पर प्रतिबंध।

लंबे समय तक स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, मॉल, मल्टी फ्लेक्स के संचालन पर प्रतिबंध व फिर शर्तों के साथ छूट।

व्यापक प्रचार-प्रसार, सभी महकमों की मेहनत और खासकर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना है।

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