REWA : भ्रष्टाचारी राजस्व निरीक्षक को विशेष न्यायालय लोकायुक्त ने सुनाई 4 साल की कठोर कारावास सजा

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रीवा में विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए घूसखोर राजस्व निरीक्षक को 4 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। बताया गया कि विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त रीवा के अपराध क्र0 190/2015 के आरोपी राजस्व निरीक्षक सर्किल डभौरा श्यामलाल कोरी पिता गणेश प्रसाद (43) निवासी बहरी जिला सीधी को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए विशेष न्यायालय लोकायुक्त और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास और 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही धारा 13 के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रुपए के जुर्माना की सजा से दण्डित किया है।

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मीडिया प्रभारी मो. अफजल खान एडीपीओ रीवा ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 मई 2015 को शिकायतकर्ता राममुनि तिवारी पिता रामबदन (27) निवासी सोहावल थाना पनवार ने लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा था कि सोहावल खुर्द गांव में पिता व अन्य के नाम करीब 50 एकड़ पैतृक जमीन है। जिसमे उसके पिता का हिस्सा करीब 12 एकड़ है। शिकायतकर्ता के पिता ने जमीन का सीमांकन कराने के लिए श्यामलाल कोरी राजस्व निरीक्षक डभौरा को आवेदन दिया था।

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शिकायतकर्ता के पिता ने जमीन जायदाद के देखरेख के लिए एक लिखित अधिकार पत्र दिया है। ऐसे में जमीन के सीमांकन के सिलसिले में श्यामलाल कोरी से मिला था। तब आरोपी राजस्व निरीक्षक ने शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपए की रिश्वत मांग थी। जबकि पीड़ित रिश्वत के खिलाफ था। ऐसे में उसने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। लोकायुक्त द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाये जाने पर ट्रैप कार्यवाही के लिए टीम का गठन किया गया।

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19 मई 2015 को सुबह 7ः30 बजे आरोपी राजस्व निरीक्षक ने शिकायतकर्ता को अपने किराए के मकान डभौरा में रिश्वत के रुपए लेने के लिए बुलाया था। जैसे ही आरोपी श्यामलाल कोरी ने शिकायतकर्ता से 6 हजार की रकम लेकर अपने जेब में रखा। वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने आरोपी श्यामलाल कोरी को रंगे हाथ धर दबोचा। लोकायुक्त ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

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विचारण के दौरान जिला अभियोजन अधिकारी सुशील कुमार शुक्ला के निर्देश में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी (लोकायुक्त) सचिन द्विवेदी द्वारा शासन की ओर से मामले में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों एवं प्रभावी तर्कों से सहमत होते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायालय लोकायुक्त गिरीश दीक्षित ने आरोपी राजस्व निरीक्षक श्यामलाल कोरी पिता गणेश प्रसाद कोरी को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए उपर्युक्त सजा से दण्डित किया।

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