REWA : मसरूम की मसालेदार सब्जी खाने से दो दर्जन लोगों की हालत बिगड़ी : गांव में हड़कंप, बीमार लोगों को अस्पताल में कराया भर्ती

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें

रीवा। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिछरहटा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया। जब गांव के तकरीबन दो दर्जन लोग अचानक बीमार पड़ गए। जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर अब गंभीर अवस्था में बीमार लोगों का डॉक्टरों के द्वारा इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मसरूम की मसालेदार सब्जी खाने से दो दर्जन लोगों की हालत बिगड़ गई उल्टी दस्त की शिकायत के बाद सभी लोगों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। बीमार लोगों में सर्वाधिक महिलाएं और बच्चे शामिल थे। जिन्होंने सब्जी खाई थी। हालांकि उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही हैं।

एमपी-यूपी बॉर्डर नेशनल हाईवे के किनारे नग्न अवस्था में मिली युवक की डेड बॉडी : शव मिलने से हड़कंप : सोशल मीडिया में भी फोटो वायरल

दरअसल शाहपुर थाने के बिछरहटा गांव में रहने वाले कुछ बच्चे जंगल से बांस के पेड़ में लगे मशरूम को तोड़कर घर लाए थे जिसकी महिलाओं ने मसालेदार सब्जी बनाई थी।घर के सदस्यों के साथ आसपास के अन्य लोगों ने भी इस सब्जी का सेवन किया था। दोपहर सब्जी खाने के बाद अचानक एक-एक करके उनकी हालत बिगड़ने लगी सब्जी खाने वाले सभी लोगों को उल्टी व दस्त होने लगी जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। शाम तक करीब दो दर्जन लोग इसके शिकार हो गए हालत बिगड़ती देख रात में परिजन के द्वारा सभी को उपचार के लिए मऊगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। फूड प्वाइजनिंग की वजह से उनकी हालत खराब हुई है।जिनका इलाज चल रहा है।

शादी का झांसा देकर युवती के साथ 4 साल तक बिजली कंपनी का असिस्टेंट इंजीनियर संबंध बनाते करता रहा दैहिक शोषण : दुष्कर्म का मामला दर्ज

क्या था मामला: बिछरहटा गांव में बीती रात मशरूम की सब्जी खाने से तकरीबन दो दर्जन लोग बीमार हो गए । जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊगंज में भर्ती कराया गया है।जहां पर अब गंभीर अवस्था में बीमार लोगों का इलाज किया जा रहा है। इलाज करने में जुटे डॉक्टरों की मानें तो सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है ।बताया जा रहा है कि गांव के बच्चों ने जंगल में लगी बांस के पेड़ से मसरूम तोड़ा था। जिसके बाद उसकी सब्जी बनाई गई तथा सब्जी खाते ही लोग बीमार पड़ गए।

माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की लापरवाही से रीवा जिले की एक छात्रा का भविष्य चौपट : कार्यालयों के चक्कर काट रही मेधावी छात्रा

डॉक्टरों ने मशरूम को ठहराया जिम्मेदार: डॉक्टरों की माने तो जंगलों में पाए जाने वाले कुछ मसरूम जहरीले होते हैं जिनमें वैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनका सेवन करने से फूड प्वाइजनिंग की संभावना बढ़ जाती है। शायद घर वालों ने उसी मशरूम का सेवन किया है जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई।

ये है बीमार

जहरीला मसरूम खाने से 2 दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए हैं जिनमें रागनी केवट 3 वर्ष बिछरहटा,कबिता केवट 25 वर्ष

,गोबिंद केवट 16 वर्ष, पंचबती केवट 22 वर्ष,दुर्गा केवट 3 वर्ष

लक्ष्मी केवट 7 वर्ष, अंसिता केवट 5,अरुणा देवी केवट 45 वर्ष, कंचन केवट 14,सुमित्री केवट 45,रेखा केवट 12,कलाबती केवट16,मकसूदन केवट 13,सुशीला केवट 38

,अकंछा केवट 7,आचल केवट14,आरती केवट 13,उर्मिला केवट 12 व नीतू केवट 35 सहित शामिल है।

वर्जन

जंगली मसरूम की सब्जी खाने से तकरीबन दो दर्जन ग्रामीण बीमार हुए हैं जिनका इलाज किया जा रहा है अब तक की हालत सामान्य बनी हुई है।

डॉ पंकज सिंह गहरवार बीएमओ , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मऊगंज

Powered by Blogger.