UJJAIN : राजाओं के नगर नागदा में भगवान गणेश की 1100 साल पुरानी दुर्लभ प्रतिमा : मान्यता है की कुंड में नहाने से दूर होते है कुष्ठ और सफेद दाग

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उज्जैन के नागदा में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पास प्राचीन श्रीसिद्धिविनायक गणेश मंदिर है। यहां हर दिन हजारों भक्त आते हैं। यहां भगवान गणेश की 1100 साल पुरानी दुर्लभ प्रतिमा विराजित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह गणेश जी की प्रतिमा प्राकृतिक रूप से प्रकट हुई थी।

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मंदिर के पुजारी के अनुसार 20 साल पहले तक बालकृष्ण बालकदास महाराज मंदिर के पास वाटिका में रहते थे। उनके सानिध्य में भगवान गणेश की पूजा अर्चना होती थी। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों द्वारा मांगी जाने वाली मनोकामनाएं पूरी होने लगीं।

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और भी मंदिर हैं यहां

गणेश मंदिर के कुछ दूर यहां नीलकंठेश्वर महादेव शिव मंदिर, माता चामुण्डा और हनुमान जी का मंदिर भी है। यहां आने वाले भक्त गणेश मंदिर के साथ दूसरे सभी मंदिरों में दर्शन करते हैं।

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कुंड में नहाने से होते हैं रोग दूर

गणेश मंदिर के सामने ही एक कुंड है। इसमें सालभर पानी भरा रहता है। फिलहाल बारिश के कारण यह लबालब हो गया है। भीषण गर्मी में भी कुंड नहीं सूखता। ग्रामीण इसे भगवान गणेश का चमत्कार मानते हैं। गणेश मंदिर के पुजारी पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि कुंड के पानी से स्नान कर भगवान गणेश के दर्शन करने से कुष्ठ और सफेद दाग के रोग दूर होते हैं।

इतिहासकार जीवन कुमार ठाकुर ने बताया कि यह प्रतिमा करीब 1100 वर्ष पुरानी है। नागदा पहले राजाओं का नगर था। यहां कई राजाओं ने निवास किया। इस क्षेत्र में कई साधु संतों ने विभिन्न प्रकार की सिद्धियां प्राप्त की हैं। प्राचीन गणेश मंदिर की कई मान्यताएं हैं।

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