MP : प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के केस : नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर बॉर्डर से लगे इन 20 जिलों में बढ़ाई सख्ती

मध्यप्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ गया है। प्रदेश के बॉर्डर से लगे तीन राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में ओमिक्रॉन पहुंच गया है। इसे लेकर मध्यप्रदेश सरकार भी अलर्ट हो गई है। सरकार ने पड़ोसी राज्यों की सीमा से लगे जिलों में जांच और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इन राज्यों से होकर आने वाली ट्रेनों के यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से करने के लिए कहा है।

MP में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ा; बॉर्डर से लगे तीन राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान में पहुंचा ओमिक्रॉन

नया वैरिएंट ओमिक्रॉन 5 राज्यों कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में पहुंच चुका है। इन राज्यों में 4 दिन में 21 मरीज सामने आ चुके हैं। इसे लेकर एक्सपर्ट भी आगाह कर चुके हैं कि नया वैरिएंट ज्यादा इंफेक्शियस है। यह डेल्टा के मुकाबले बहुत तेजी से फैलता है। रविवार को ओमिक्रॉन का दिल्ली में नया मरीज मिलने के साथ ही महाराष्ट्र में 7 और मरीज सामने आए हैं। राजस्थान में जयपुर के एक ही परिवार के 4 लोगों समेत 9 लोगों में नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इनमें अधिकतर मामलों में अफ्रीकी देशों की ट्रैवल हिस्ट्री रही है।

मध्यप्रदेश के 3 राज्यों से लगे हैं 20 जिले

राजस्थान की सीमा से प्रदेश के 10 जिले लगते हैं। इनमें झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना शामिल हैं। गुजरात की सीमा से दो जिले झाबुआ और अलीराजपुर हैं। वहीं, महाराष्ट्र की सीमा से 8 जिले बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट लगते हैं।

CM बोल चुके हैं- हम संकट के मुहाने पर

हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की थी। CM ने कहा था कि हम संकट के मुहाने पर खड़े हैं। उन्होंने कहा था कि जनभागीदारी मॉडल पर नए वैरिएंट का सामना करेंगे।

सरकारी की 3T रणनीति

प्रदेश सरकार ने नए वैरिएंट के चलते तीसरी लहर के संभावित खतरे से निपटने के लिए टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट 3T रणनीति बनाई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। RT-PCR में पॉजिटिव आने वाले सभी मरीजों का अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के निर्देश सभी जिलों को भेजे गए हैं।

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साथ ही, सरकार ने अस्पतालों में बेड्स की संख्या के साथ ही ऑक्सीजन प्लांट की टेस्टिंग भी शुरू कर दी है। सरकार संक्रमितों के इलाज की पर्याप्त तैयारी रखने का भी कह चुकी है।

इसलिए बढ़ सकती है परेशानी

प्रदेश में अभी 70% लोगों को ही वैक्सीन का दूसरा डोज लगा है। सरकार ने दिसंबर 2021 तक फुली वैक्सीनेट करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अब 100% लक्ष्य हासिल करने के लिए रोजाना 7.50 लाख डोज लगाना होगा।

लोग बरत रहे उदासीनता

लोग मास्क पहनने से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तक में उदासीन हैं। बाजार, सड़कों और मॉल में बिना मास्क के लोग घूम-फिर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है। हद तो यह है कि ट्रेन, बस में भी लोग बिना मास्क के यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लिहाजा, अब दोबारा कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की जरूरत है।

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के केस

प्रदेश में 17 दिन में 255 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। रोजाना औसत 15 केस मिल रहे हैं। इन 16 दिन में सबसे ज्यादा पॉजिटिव भोपाल में 115 आए हैं। यहां रोज औसतन 7 केस आ रहे हैं। शुक्रवार को भोपाल में 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इनमें 7 केस दूसरे जिले और रिपीट जांच रिपोर्ट वाले थे। इसके अलावा, 17 दिन में इंदौर में 86 संक्रमित मिले हैं। प्रदेश में अब तक 7 लाख 93 हजार 233 पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें से 7 लाख 82 हजार 571 मरीज ठीक हो चुके हैं। कोरोना से 10 हजार 528 लोगों की जान जा चुकी है।

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