छोटे-मोटे झगड़ों में बढ़े तलाक के मामले : रोजाना एक जोड़ा हो रहा अलग, 2020 की तुलना में 2021 में तलाक के मामलों में 14% की बढ़ोतरी


भोपाल में छोटे-मोटे झगड़ों के कारण तलाक के मामले बढ़े हैं। रोजाना एक जोड़ा जुदा हो रहा है। 2020 की तुलना में 2021 में तलाक के मामलों में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह खुलासा भोपाल कोर्ट द्वारा सूचना के अधिकार कानून के तहत दी गई जानकारी से हुआ है।

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इस मामले में पुरुषों के हित में काम करने वाली संस्था भाई वेलफेयर सोसाइटी ने पिछले पांच सालों में हुए तलाक के मामलों के संबंध में जानकारी मांगी थी। संस्था के फाउंडर मेंबर जकी अहमद का कहना था कि कोर्ट से मांगे गए आंकड़ों के आधार पर वे विश्लेषण करना चाहते थे कि भोपाल में कितने तलाक हो रहे हैं। संस्था तलाक के ऊपर स्टडी करना चाहती है।

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एक साल में एक हजार से ज्यादा केस

कुटुंब न्यायालय में 1110 नए हैं, जबकि 7114 प्रकरण पहले से लंबित हैं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में लॉकडाउन लगने की वजह से कोर्ट में लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ गई है। तलाक के लिए लगाए गए प्रकरणों की सुनवाई में देरी होने की वजह से 2020 में तलाक कम हुए। इस साल चारों कोर्ट से 387 तलाक हुए। 2021 में 442 तलाक हुए।

कौन सी कोर्ट में कितने केस

पत्नी ने पति को जड़ा थप्पड़... हो गया तलाक

फैमिली कोर्ट की काउंसलर ने बताया कि कुटुंब न्यायालय में एक तलाक की वजह थप्पड़ बना। विदेश से आए दंपती के बीच कहासुनी हुई तो पत्नी ने पति को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद पति ने तलाक का आवेदन लगा दिया। पति का कहना है कि अब पत्नी के साथ नहीं रहना चाहता है।

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कूलिंग पीरियड को नहीं मान रहे

छोटे-छोटे झगड़े की वजह से पति और पत्नी साथ नहीं रहना चाहते हैं। ऐसे में दोनों तलाक के लिए आवेदन देते हैं। इसमें काउंसलिंग की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट से डिक्री पारित होती है। तलाक के कई मामलों में पति और पत्नी कोर्ट द्वारा छह माह तक दिए जाने वाले कूलिंग पीरियड को भी माफ करा लेते हैं।

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