MP : लुटेरी हसीना की रंगीन नाइट : राजधानी में अपने BF के साथ मिलकर 3 साल से दे रही थी लूट और ब्लैकमेलिंग को अंजाम, शहर के 125 लोग टारगेट में

      

भोपाल में लिफ्ट लेकर लोगों को फंसाने वाली 21 साल की अंजलि के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वह राजधानी के कई इलाकों में बीते 3 साल से अपने बॉयफ्रेंड और गैंग के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग और लूट का खेल खेल रही थी। उसके टारगेट पर शहर के 125 और लोग थे। ये बात पुलिस को लड़की के मोबाइल से मिली चैट से पता चली। इस मामले में रातीबड़ पुलिस लड़की समेत 6 लोगों को पकड़ चुकी है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। लड़की ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर लूट और ब्लैकमेलिंग का रास्ता चुना।

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कॉलगर्ल की वेबसाइट से निकालती थी नंबर

पूछताछ में अंजलि ने बताया कि वह बीते तीन साल से लोगों को इसी तरह से शिकार बना रही है। वह कॉलगर्ल की वेबसाइट्स से भोपाल के लोगों के नंबर निकालती, और खुद को कॉलगर्ल बताकर उनसे चैट करती। सामने वाला कितना मालदार है, इसका पता लगाने के लिए वह अपना चार्ज बताती। एक मीटिंग के लिए 4 हजार रुपए और पूरी रात के लिए 12 हजार रुपए का चार्ज बताती। पैसे एडवांस में ही लिए जाने की शर्त रखती। सौदा तय होने के बाद अंजलि उसे कोलार या रातीबड़ की लोकेशन पर रात 11 बजे के बाद बुलाती।

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शिकार के आने से पहले ही पहुंच जाती थी गैंग

शिकार को बुलाने के बाद वह पहले से ही उस रास्ते पर मौजूद रहती। उसका 28 साल का बॉयफ्रेंड दीपक विष्ठ और गैंग के अन्य सदस्य कुछ दूरी पर इंतजार करने लगते। टारगेट के वहां पहुंचते ही अंजलि लिफ्ट लेने के बहाने उसकी कार में बैठ जाती। कार आगे बढ़ते ही अंजलि युवक से बात करने लगती। इस दौरान वह उसके पास गोल्ड और कैश का अंदाजा लगा लेती। मोटी रकम होने की बात पता चलते ही अंजलि फोन से दीपक को सिग्नल भेज देती है। कुछ देर बाद दीपक साथियों के साथ मिलकर कार को घेरकर रोक लेते और लूट की वारदात को अंजाम देते।

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फिर शुरू होता ब्लैकमेलिंग का खेल

लिफ्ट लेते समय अंजलि कार वाले को यह नहीं बताती थी कि उसी ने कॉल करके बुलाया है। दीपक अपनी टीम के साथ घटना का वीडियो बनाने लगता और अंजलि पीड़ित से बचने का नाटक करते हुए बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगती। यह देख पीड़ित घबरा जाता और वह गोल्ड से लेकर रुपए तक उन्हें दे देता। रकम मिलते सभी आरोपी वहां से गायब हो जाते।

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लोग बदनामी के डर से नहीं करते शिकायत

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रुतकीर्ति सोमवंशी का कहना है कि अभी तक एक ही शिकायत आई है, लेकिन लड़की ने बीते 3 साल से कोलार और रातीबड़ के सुनसान इलाकों में वारदात करना कबूल किया है। जिस तरह से यह पूरा नाटक करते थे, उससे लोग घबरा जाते होंगे। यही कारण है कि अब तक इनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई। अब उम्मीद है कि लोग सामने आएंगे। पुलिस ने इस केस में अंजलि के अलावा 23 साल के आकाश लोधी, 28 साल के दीपक सिंह विष्ट, 19 साल के रितिक रैकवार, 25 साल के प्रिंस मालवीय और आकाश पंवार को पकड़ा है। एक अन्य की तलाश की जा रही है।

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