रीवा जिले में बड़ा घोटाला : शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों के लिए आई राशि का जमकर बंदरबाट, करीबियों और रिश्तेदारों को कर ड़ाला लाखों का भुगतान

रीवा। जिले में शिक्षा विभाग द्वारा अनुदान प्राप्त स्कूलों के कर्मचारियों को वेतन और एरियर्स भुगतान के नाम कर्मचारियों ने अपने करीबियों और रिश्तेदारों को ही लाखों का भुगतान कर डाला। भोपाल से आए जांच दल ने ऐसे दो दर्जन लोगों को चिह्नित कर पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसमें दर्जनभर ने पहुंचकर बयान भी दर्ज कराए हैं।

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शिक्षा के अधिकारियों और बाबुओं ने मिलकर शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों के लिए आई राशि का जमकर बंदरबाट किया। इस राशि से विद्यालयों के कर्मचारियों को वेतन और एरियर्स का भुगतान करना था। विद्यालयों के प्रबंधन के साथ मिलकर विभाग के कर्मचारियों ने अपने करीबियों को ही शिक्षक बताकर राशि का भुगतान कर दिया। वर्ष 2018-19 की ऑडिट में इस बात का खुलासा हुआ था कि 70.67 लाख रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है। यह मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच कराई तो यह राशि बढ़कर 4.41 करोड़ रुपए हो गई।

तीन दिन से टीम कर रही पड़ताल

कलेक्टर द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव के बाद प्रमुख सचिव ने भोपाल से एक टीम गठित की है। यह टीम रीवा पहुंच चुकी है और बीते तीन दिनों से पड़ताल कर रही है। पहले दिन जांच दल ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से दस्तावेज मांगे थे, जिसकी लिखित सूचना दी गई थी। इसमें आवंटन और व्यय की जानकारी मॉडल, उत्कृष्ट एवं संकुल से जानकारी चाही गई है। अब जांच के लिए ब्लाकवार प्राचार्यों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। बुधवार को जवा, त्योंथर, नईगढ़ी के अधिकारियों से टीम पूछताछ की गई। इनके साथ ही उन लोगों से भी जानकारी चाही गई जो शिक्षक नहीं थे फिर भी उन्हें भुगतान किया गया है।

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