REWA : जिला पंचायत CEO स्वप्निल वानखेड़े ने कार्यालय में शुरू की कसावट : भ्रष्ट्राचारियों में मची खलबली


रीवा. जिला पंचायत कार्यालय में लंबे समय से चल रही अव्यवस्था को दूर करने जिला पंचायत सीइओ स्वप्निल वानखेड़े ने कसावट शुरू कर दी है। सीइओ ने कार्यालय में नई व्यवस्था लागू की है। सीइओ के इस निर्णय से भ्रष्ट्राचारियों में खलबली मच गई है। सीइओ के इस फैसले से पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं की मॉनटीरिंग बेहतर तरीके से हो सकती है।


नई व्यवस्था से बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद 
जिला पंचायत में कई साल से कार्यालय के कंप्यूटर आपरेटर और आडीटरों की जुगलबंदी से योजनाएं बेपटरी हो गई। नए सीइओ के आने के बाद कार्यालय में नई व्यवस्था लागू कर दी गई। जिसे लेकर अभी तक भ्रष्ट्राचार में मशगूल रहे कर्मचारियों में खलबली मच गई है। जिससे योजनाओं की बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सके। 


सीइओ ने शासन की प्राथमिकता की योजनाएं मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, प्रवासी श्रमिक, रोजगार सेतु, काम मागों अभियान, संबल एवं लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए और योजनाओं के तीव्र गति से क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत के अधिकारियों को जनपदें आवंटित की हैं।


सीइओ ने जनपदवार बनाया प्रभारी 
जिपं सीईओ ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एबी खरे को रीवा जनपद, आरइएस के कार्यपालन यंत्री धुर्वे को जनपद सिरमौर, आरइएस क्रमांक-2 के कार्यपालन यंत्री डीएस आर्मों को नईगढ़ी जिला तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह को त्योंथर, स्वच्छ भारत अभियान की जिला समन्वयक फरहत जैव अग्रवाल को गंगेव, सहायक परियोजना अधिकारी आभा सिंह को रायपुर कर्चुलियान, सहायक परियोजना अधिकारी राजेश शुक्ला को मऊगंज, विनायक पाण्डेय को हनुमना एवं एसआरएलएम के जिला परियोजना प्रबंधक अजय सिंह को जनपद पंचायत जवा का प्रभार दिया है।
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