APS रीवा के प्रो पीयूष रंजन ने कुलपति पद से दिया इस्तीफा : यह वजह आई सामने



रीवा. प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति पद इस्तीफा दे दिया है। इसके लिए उन्होंने पारिवारिक समस्याओं का हवाला दिया है। हालांकि चर्चा ये है कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों की राजनीति के चलते उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा।


बता दें कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल लालजी टंडन ने प्रो अग्रवाल को 13 सितंबर 2019 में एपीएस विश्वविद्यालय, रीवा का कुलपति नियुक्त किया था। यानी वह एक साल भी पूरा किए बगैर यहां से जा रहे हैं। वैसे तो उन्होंने इस्तीफे के लिए पारिवारिक कारणो का हवाला दिया है लेकिन विश्वविद्यालय परिसर और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों के बीच जो चर्चा है उसके मुताबिक शिक्षकों की गोलबंदी उनके पद त्याग का कारण बनी।




सूत्रों के मुताबिक कुलपति प्रो अग्रवाल को विश्वविद्यालय समिति की बैठक के दौरान उपस्थित प्रोफेसर व रजिस्ट्रार ने गोलबंदी कर इस्तीफे के लिए दबाव बनाया गया था। हालांकि इस मुद्दे को फिलहाल प्रो अग्रवाल टाल गए।


बता दें कि रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का कुलपति बनने से पूर्व प्रो अग्रवाल मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, प्रयागराज में कार्यरत थे। वहां वे स्कूल आफ मैनेजमेंट स्टडीज विभाग के प्रमुख थे। वह सागर विश्वविद्यालय में भी 1996 से लेकर 2000 तक कार्य कर चुके हैं। हालांकि जीवन का अधिकांश समय उन्होंने प्रयागराज में ही व्यतीत किया। वह दिसंबर 2013 से मई 2017 तक वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति रहे। उनकी शिक्षा-दीक्षा इलाहाबाद में ही हुई है। वहीं से एम कॉम एलएलबी की डिग्री हासिल की।


कोट
पारिवारिक कारणवश मैंने इस्तीफा प्रभारी राज्यपाल को भेज दिया है। अभी तक इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।

प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल, कुलपति एपीएसयू, रीवा




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