TEAM INDIA का हिस्सा रहे रीवा के ईश्वर पाण्डेय ने धोनी और रैना के सन्यास लेने पर कही ये बड़ी बात ......


रीवा। भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे क्रिकेटर ईश्वर पाण्डेय पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी और सुरेश रैना के करीबी रहे हैं। दोनों खिलाडिय़ों के एक ही दिन सन्यास लेने की घोषणा से वह हतप्रभ हैं। ईश्वर का मानना है कि अभी दोनों खिलाडिय़ों में खेल बाकी था। यह निर्णय उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा हुआ है, इसलिए उस पर कमेंट करना उचित नहीं है। हो सकता है इसके बाद कुछ और नया करने की इच्छा से सन्यास की घोषणा की हो।
ईश्वर पाण्डेय बताते हैं कि वह आइपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स का हिस्सा रहे हैं जिसमें धोनी और रैना दोनों खिलाडिय़ों ने लंबा समय दिया है। दोनों को करीब से जानने का भी अवसर मिला। धोनी के नेतृत्व में क्रिकेट के सभी फार्मेट में टीम इंडिया ने बेहतर प्रदर्शन किया। विश्वकप की लंबे अर्से के बाद जीत ने टीम इंडिया को नई ऊर्जा दी है। धोनी और रैना दोनों साधारण परिवार से थे।


सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी दोनों ने अपने को पहले की तरह ही रखा, उनकी यही आदत महान बनाती है। मैदान हो या बाहर सभी खिलाडिय़ों के साथ घर जैसे संबंध रखते थे। इन दोनों खिलाडिय़ों ने क्रिकेट की हर गेंद में संघर्ष करना सिखाया है। मैच चाहे बड़ी टीम के साथ हो या कमजोर अपने प्रदर्शन और आत्मविश्वास को कभी कम नहीं होने देने की सीख देते रहे। जिसकी वजह से देश की टीम आज दुनियाभर में अव्वल है। ईश्वर पाण्डेय का कहना है कि धोनी ने जिस तरह से सभी फार्मेट में कप्तानी करते हुए देश को जीत दिलवाई, उस तरह के कप्तान को हमेशा याद किया जाएगा।


छोटे शहरों के खिलाडिय़ों के लिए आदर्श
क्रिकेटर ईश्वर पाण्डेय बताते हैं कि एक समय यह माना जाता था कि भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होना है तो उच्च स्तर की तैयारियां भी आवश्यक हैं। धोनी और रैना दोनों खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जो छोटे शहरों के खिलाडिय़ों के लिए आदर्श हैं। इनका संघर्ष अन्य खिलाडिय़ों को आगे भी प्रेरणा देता रहेगा। इससे भरोसा बढ़ता है कि देश के हर हिस्से में खेल रहे खिलाडिय़ों को टीम इंडिया का हिस्सा होने का अवसर मिलेगा।


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