WEATHER ALERT : मौसम विभाग ने दिए संकेत, 16 AUGUST से होगी जबरदस्त बारिश


भोपाल। जुलाई माह में निराश करने वाला मानसून अब मेहरबान हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश के समाचार हैं। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कहा है कि अब जो सिस्टम बन रहा है, उसके बाद अगस्त माह में अच्छी बारिश के संकेत है। 16 अगस्त से जबरदस्त बारिश की संभावना है।

मध्यप्रदेश में 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इसके अलावा 16 अगस्त के आस-पास भी एक और शक्तिशाली कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिल रहे हैं। इस वजह से अगस्त माह में पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने की उम्मीद बढ़ गई है।


क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक

निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है। हालांकि, कल के मुकाबले इसका वर्टिकल एक्सटेंशन कम हो गया है।

मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में है, जिसमें उपरोक्त निम्न दबाव क्षेत्र अंतर्निहित है।

समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका अब बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश पर कम दबाव के क्षेत्र का केंद्र, जमशेदपुर, कोंटाई और दक्षिण पूर्व की ओर पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक से होकर गुजर रही है।

इसके अलावा, एक पूर्व-पश्चिम अपरूपण क्षेत्र मध्य भारत में मध्य-क्षोभ मंडल के स्तरों से गुजर रहा है जिसका ऊंचाई से दक्षिण की ओर झुकाव है।

13 अगस्त के आसपास उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में एक ताजा निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

उपरोक्त मौसम परिदृश्य के तहत, 10 से 12 अगस्त के दौरान पश्चिमोत्तर मध्य प्रदेश (ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिले) तथा से सटे उत्तरी मध्य प्रदेश के जिलों में अधिकांश स्थानों से अनेक स्थानों पर वर्षा के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। 10 से 14 अगस्त के दौरान गुजरात से सटे इंदौर एवं उज्जैन संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों से अनेक स्थानों पर वर्षा के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।


13 और 14 अगस्त के दौरान को दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश (इंदौर, भोपाल एवं होशंगाबाद संभागों के जिलों में वर्षा की तीव्रता में और वृद्धि होने की संभावना है।

वैसे 11 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में जहाँ अनेक स्थानों पर हल्की से मध्य वर्षा की संभावना है, को छोड़ कर पुरे सप्ताह (17 अगस्त तक) कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अधिकांश से अनेक स्थानों पर वर्षा की संभावना है।


अन्य मौसम परिस्थितियों के आलावा पूर्व-पश्चिम अपरूपण क्षेत्र (ईस्ट वेस्ट शियर जोन) मध्य भारत में मध्य-क्षोभ मंडल के स्तरों से गुजर रहा है जो ऊंचाई से दक्षिण की ओर झुका है, यह देखा गया है की मध्य प्रदेश में वर्षा गतिविधियों के लिए उत्प्रेरक का कार्य करता है ।


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