ALERT : कड़ाके की बढ़ती ठंड के साथ बढ़ रही ह्दयरोगियों की संख्या SGMH और सुपर स्पेशलिटी में कॉर्डियोलॉजी वार्ड और ICU फुल


रीवा. ठंड बढऩे से ह्दयरोगियों की संख्या डेढ़ से दो गुना बढ़ गई है। संजय गांधी अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी में कॉर्डियोलॉजी वार्ड और आइसीसीयू फुल हो गया है। ठंड के दौरान जरा सी लापरवाही पर जानलेवा हो सकती है। मेडिकल कालेज के सह प्राध्यापक डॉ वीडी त्रिपाठी कहते हैं कि ठंड में रक्तचाप कारण ह्दय रोगियों को खतरा बढ़ जाता है। ठंड में ह्यूमिनिडिटी से सूखापन कम हो जाता है। जिससे कोरोना संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। 


कड़ाके की ठंड में दो गुना हुए ह्दयरोगी 
बर्फीली हवाओ के चले बीते तीन दिन से धूप में भी गलन बढ़ गई है। मौसम के ऊपर-नीचे और सुबह-शाम कड़ाके की ठंड में ह्दयरोगियों के दिल का दर्द बढ़ गया है। ठंड के कारण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आइसीसीयू के दस बेड हर समय फुल रहता है। इसी तरह ह्दयरोग विभाग के वार्ड फुल हो गए है। कॉर्डियोलॉजी विभाग में कार्डियो थेरेपी के लिए भी भीड़ बढ़ गई है। वर्तमान में सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार और हृदय रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। बदले मौसम श्वांस, दमा, ब्लड प्रेशर, हार्टअटैक के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। दो दिन पहले हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है। अब दिन में गर्मी और सुबह शाम के साथ रात में कड़ाके की ठंड के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढऩे लगी है।


ठंड से सर्दी जुकाम के बढ़े मरीज 
सर्दी जुकाम के अलावा खांसी से पीडि़त मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। चिकित्सकों के मुताबिक हार्टअटैक के मरीज को जहां ठंड से बचाव की जरूरत है। तैलीय युक्त भोजन मना कर दिया जाता है। नमक की मात्रा बहुत कम कर दी जाती है। ह्दयरोगियों के लिए मछली, मांस, मदिरा, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू पूरी तरह से रोक लगा दें। जिससे ह्दयरोगियों के लिए लाभदायक होगा। इसके सेवन से मरीज की हालत और बिगड़ सकती है। इधर, ठंड बढऩ से ग्रामीण क्षेत्र में सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में भी सर्दी, जुकाम व खांस के मरीज बढ़ गए हैं। 


ठंड व कोरोना संक्रमण से बचने चिकित्सकों ने दिए यह सलाह 
ठंड के समय में रक्तचाप बढ़ जाता है। जिससे ब्लड के क्लाट बनने लगते हैं। साथ ही खान-पान की अनियमितता और व्यायाम की कमी के कारण ह्दयघात का रिस्क बढ़ जाता है। इसके बचाव के लिए ठंड में अचानक से बाहर नहीं निकले। ज्यादा तला भोजन न करें। ठंड के समय कोरोना वायरस सूखे वातावरण के कारण ज्यादा समय तक जीवित रहता है। और एरोसोल बनने के कारण आसानी से फैलता है। इसके बचाव के लिए फिजिकल दूरी, हाथ धुलाई, सेनेटाइज के साथ ही मास्क लगाना अनिवार्य है। 

डॉ वीडी त्रिपाठी, सह प्रध्यापक, कॉर्डियोलॉजी विभाग, मेडिकल कालेज

अचानक मौसम के बदलाव से ठंड बढ़ गई है। जिससे सर्दी जुकाम और खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। कोरोना भी इसी समय अधिक प्रभावी होता है इसलिए मौसम के हिसाब से लोगों को गर्म कपड़े पहनने की जरूरत है। गर्म पानी लेते हैं। सुबह शाम गर्म कपड़े ही पहनकर निकलें, तो सर्दी के साथ बीमारियों से बचा जा सकता है।

डॉ केबी पटेल, मेडिकल ऑफिसर, त्योथर

क्या करें-क्या न करें
सुबह-शाम ठंड से बचे
गर्म कपड़े पहनें 
गर्म पानी पिएं
गर्म भोजन खाएं
ठंडी चीजों का इस्तेमाल न करें।
सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह लें।

कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए
मुंह पर मास्क या कपड़ा रख कर निकलें ठंड में भी हाथ धोएं, हाथ धोने के लिए साबुन और पानी या एल्कोहल वाला सेनेटाइज का उपयोग करें। यदि कोई खांस या छींक रहा है, तो उससे उचित दूरी बनाए रखे। 


शारीरिक दूरी बनाना संभव न हो, तो मास्क लगाएं आंख, नाक या मुंह को न छुएं, खांसने या छींकने पर नाक और मुंह को कोहनी या टिश्यू पेपर से ढक लें। 


अगर आपको बुखार, खांसी है और सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर के पास जाएं

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