पंद्रह दिन में एटीकेटी और सप्लीमेंट्री वाले विद्यार्थियों के 1600 गोपनीय रिजल्ट बनाए

इंदौर। एटीकेटी और सप्लीमेंट्री वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रवेश को लेकर परेशानी अभी बनी है। रिजल्ट नहीं आने से विद्यार्थियों का अस्थाई दाखिला निरस्त होने की नौबत आ चुकी है। बीच का रास्ता निकालकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय गोपनीय रिजल्ट बनाकर विद्यार्थियों को दे रहा है। ताकि वे कॉलेजों में रिजल्ट प्रस्तुत कर अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीते पंद्रह दिनों में लगभग 1600 रिजल्ट दिए हैं। औसतन रोजाना 100-100 गोपनीय रिजल्ट बन रहे हैं।

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जनरल प्रमोशन-ओपन बुक पद्धति से यूजी-पीजी कोर्स के विद्यार्थियों के रिजल्ट विश्वविद्यालय ने जारी किए हैं। लगभग 204 कोर्स के परिणाम शामिल हैं। एटीकेटी और सप्लीमेंट्री वाले विद्यार्थियों के रिजल्ट रुक गए थे। इसके चलते उन्हें अगली कक्षाओं में उच्च शिक्षा विभाग ने अस्थाई तौर पर प्रवेश दिया था। विद्यार्थियों को एक दिसंबर तक अपनी मार्कशीट प्रस्तुत करना थी, लेकिन नए फॉर्मूले से विश्वविद्यालय को इनके रिजल्ट बनाने में थोड़ा समय लग रहा है।

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विद्यार्थियों के बढ़ते दवाब में विवि ने गोपनीय रिजल्ट बनाकर देने की व्यवस्था की है। इनमें अधिकतर बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए और बीसीए के विद्यार्थियों हैं। इनकी संख्या करीब ढ़ाई हजार बताई जा रही है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने बताया कि अधिकांश विद्यार्थियों को पुराने सेमेस्टर में भी एटीकेटी होने से रिजल्ट रुके है। कोविड की वजह से जनरल प्रमोशन की व्यवस्था रखी गई थी। इनके फॉमूले से रिजल्ट बनाना है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार हो रहा है। मगर उसके पहले इन्हें गोपनीय रिजल्ट दिए जा रहे है। अभी तक 1600 विद्यार्थियों को रिजल्ट दिए है।

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