REWA : गरीबों के सस्ते अनाज को बंद कराने की योजना में बीजेपी सरकार, पत्नी अमृता व सिद्धार्थ समेत धार्मिक यात्रा पर निकले दिग्विजय सिंह


रीवा। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा गरीबों और किसानों दोनों के खिलाफ साजिश रच रही है। गरीबों को जो सस्ता अनाज मिल रहा है, उसे बंद कराने की योजना है। धार्मिक स्थलों के भ्रमण पर निकले सिंह गुरुवार को रीवा पहुुंचे और यहां से विंध्याचल-मिर्जापुर के लिए रवाना हुए।


इस दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि देश का किसान इस समय सड़कों पर है, जो चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आकर किसानों की मांगें पूरी करनी चाहिए। सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र की जो बड़ी कंपनियां हैं उन्हें कृषि व्यवसाय में उतारने का अवसर दिया जा रहा है। पूर्व में डब्ल्यूटीओ ने प्रतिबंध लगा रखा था लेकिन मोदी ने स्वीकृति दे दी है।


डब्ल्यूटीओ हमेशा से शिकायत करती रही है कि गरीबों को सस्ता अनाज नहीं दिया जाए। मोदी सरकार आते ही शांताकुमार कमेटी का गठन किया गया। जिसमें कहा गया कि एमएसपी पर खरीदी नहीं हो पा रही है। इसलिए अनाज देने के बजाय नकद दिया जाना चाहिए। गरीबों को एक रुपए में जो अनाज मिल रहा है उसे बंद करने की तैयारी है। सरकार गरीबों को एक रुपए में अनाज देने और किसानों को एमएसपी देने के पक्ष में नहीं है। पूर्व सीएम ने कहा कि पीडीएस से ही एमएसपी और गरीबों को सस्ता अनाज देने का मामला जुड़ा हुआ है। इसलिए कांग्रेस पार्टी नए कृषि कानून का विरोध कर रही है।


कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इनदिनों धार्मिक स्थलों के भ्रमण पर निकलें हैं। पन्ना और सतना जिले के धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने के बाद वे रीवा पहुंचे। यहां कम समय तक ही रुके। चोरहटा बायपास में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान रीवा के कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी को अपने साथ लेकर वह विंध्याचल-मिर्जापुर के लिए रवाना हो गए। उनके साथ पत्नी अमृता एवं कुछ समर्थकों के भी वाहन हैं। वायपास के साथ ही हनुमना बार्डर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका स्वागत किया।

हमारी लेटेस्ट खबरों से अपडेट्स रहने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी जुड़ें:

FACEBOOK PAGE INSTAGRAMGOOGLE NEWS ,TWITTER

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ जुड़े हमसे  

Powered by Blogger.