रिश्ते हुए तार-तार : 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में सगे भाई और चाचा निकले आरोपी : भाई व चाचा को फांसी



सागर : बंडा थाना क्षेत्र के बेरखेड़ी गांव की 11 साल की बच्ची से गैंगरेप के बाद उसकी गला काटकर हत्या के आरोपी सगे भाई रामप्रसाद अहिरवार व चाचा बंशीलाल अहिरवार को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी चाची सुशीला अहिरवार को बरी कर दिया गया है। इसी मामले में आरोपी नाबालिग दो भाइयों की सुनवाई किशोर न्यायायल में लंबित है। बंडा के अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर अग्रवाल ने बुधवार को यह फैसला सुनाया।

घटना 13 मार्च 2019 की है। 14 मार्च को बच्ची के पिता ने बंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसकी बेटी को अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया। तलाशी के दौरान बेरखेड़ी मौजाहार में बच्ची की सिर कटी लाश मिली। बच्ची का सिर व धड़ अलग-अलग मिले थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज कर जांच की। वहीं, शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा गैंगरेप की पुष्टि की गई। इस पर मामले में धारा 376, 377 भादवि एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। जांच के दौरान आरोपी बच्ची के तीन सगे भाई और चाचा निकले। आरोपियों ने बच्ची के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद हंसिया से गला काटकर हत्या कर दी गई।

बंडा थाना प्रभारी सतीश सिंह ने अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण को विरले से विरलतम श्रेणी में माना। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी रामप्रसाद अहिरवार को धारा 363, 366, 201 में 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रुपए जुर्माना एवं धारा 376(घ)(ख), 302 में दोषी करार देते हुए मृत्युदंड से दंडित किया व आरोपी बंशीलाल अहिरवार को धारा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपए जुर्माना, 376(घ)(ख), 302 भादवि में दोषी बताते हुए मृत्युदंड सुनाया। मामले की पैरवी वरिष्ठ एडीपीओ ताहिर खान बंडा ने की।

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