DELHI- MUMBAI रेलवे ट्रैक पर पतंग लूटने के चक्कर में 14 साल के बच्चा की मौके पर दर्दनाक मौत : घर में मचा कोहराम

कोटा में मकर संक्रांति पर पतंग लूटने के चक्कर में एक 14 साल के बच्चे की मौत हो गई। वह रेल पटरी पर पतंग के पीछे दौड़ रहा था, तभी ट्रैक पर ट्रेन से टकरा गया। हादसे में बच्चे का पैर कट गया। अधिक खून बहने से मौके पर ही बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर बच्चे का जूता और पतंग का मांझा पड़ा हुआ था। हादसा माला फाटक के पास दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक पर हुआ।

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पुलिस ने बताया कि हादसे में 7वीं क्लास में पढ़ने वाले करम बैरवा पिता सत्य नारायण की मौत हो गई। वह महात्मा गांधी कॉलोनी माला फाटक में रहता था। जहां हादसा हुआ वहां से बच्चे का घर करीब 100 मीटर की दूरी पर है। बच्चे की मौत का पता चलते ही घर में कोहराम मच गया। माता-पिता और आस-पड़ोस के लोग दौड़ कर ट्रैक पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो गई थी। मृतक करम परिवार का इकलौता बेटा था।

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इकलौता बेटा था करम

करम के पिता ने बताया, 'हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। कुछ देर पहले ही करम ने चीज खाने के लिए पैसे मांगे थे। रोते हुए उन्होंने कहा कि मुझे क्या पता था कि वह आखिरी बार मुझसे पैसे मांग रहा है। पैसे लेकर वह नजदीक में ही एक दुकान पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। हम लोग अंदर काम में लग गए, तभी उसके ट्रेन से कटने की खबर आ गई। हम लोग दौड़ते हुए वहां पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। उसके जूते और पतंगा का मांझा वहीं बिखरा हुआ था।' परिवार में पिता के अलावा मां संतोष और छोटी बहन हैं।

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परिवार ने नहीं कराया पोस्टमार्टम

इकलौते बेटे की मौत से व्यथित परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद रेलवे पुलिस ने पंचनामा करके शव परिजनों को सौंप दिया। बच्चे के पिता सत्यनारायण मजदूरी करते हैं।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि इस रेल लाइन पर रोज ट्रेन से टकराकर जानवरों की मौत हो रही है। ओवरब्रिज बनने के बाद से इस इलाके से फाटक हटा दिए गए थे। फाटक की जगह लोहे की जाली लगा दी गई। लोगों का कहना है रेल प्रशासन से शिकायत के बाद भी यहां फाटक नहीं लगाए गए। ये बड़ी लाइन है जो बंद नहीं होती। प्रशासन की अनदेखी से इस ट्रैक पर अक्सर हादसे होते हैं। लोगों ने प्रशासन से कई बार इसकी शिकायत की लेकिन किसी ने भी इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए।

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