REWA : अपने बेटे को देख डबडबा आंई माँ की आंखे "खुशियों की दास्तां"

Telegram

रीवा। माँ और बेटे का बहुत ममतामई संबंध होता है। यदि माँ-बेटे कुछ माह एक दूसरे को न देखे तो माँ का मन अपने बेटे से मिलने के लिये लालायित हो जाता है। माँ चाहे साधारण गृहणी हो या कारागार कोठरी में बंद माँ। ऐसा ही एक उदाहरण यहां देखने को मिला जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी केन्द्रीय जेल में बंदियों से मुलाकात करने पहुंचे तो एक महिला बंदी ने उनसे अपने बेटे से मुलाकात कराने का अनुरोध किया तथा कहा कि काफी लंबे अर्से से अपने बेटे से नहीं मिल पायी है। उसका पति बेटे से मुलाकात कराने के लिये जेल नहीं लाते है।

बड़ी कार्यवाही : कलेक्टर के निर्देश पर 10 करोड़ से अधिक की भूमि पर अतिक्रमण की 56 दुकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने महिला बंदी का अनुरोध सुन पूरी संवेदनशीलता के साथ उसके पति को बेटे के साथ केन्द्रीय जेल आने के आदेश दिये। जब महिला बंदी का पति उसके बेटे को लेकर आया तो अपने बेटे से काफी लंबे अर्से के बाद मिलने पर महिला बंदी की आंखे डबडबा आर्इं। उसने कहा कि विधिक सहायता के माध्यम से उसे बेटे से मिलना संभव हुआ।


सीधी घटना से सम्बंधित खबरें 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोपहर 12 बजे पहुचेंगे रामपुर नैकिन पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात






लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए REWA NEWS MEDIA फेसबुक पेज लाइक करें

Powered by Blogger.