REWA : नईगढ़ी के दो दर्जन गांवो में व्याप्त हैं पेयजल संकट : अधिक गांवों में इन दिनों पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची

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रीवा । जिले के नईगढ़ी विकासखंड के लगभग आधे से अधिक गांवों में इन दिनों पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। एक तो प्रकृति की मार दूसरे प्रशासनिक एवं जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का परिणाम है कि कस्बे से लेकर ग्रामीण अंचल तक की जनता को प्यास बुझाने के लिए पानी के तलाश में कई किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। ALSO READ MORE : रीवा जिले के दुआरी ग्राम का सरपंच 50 हजार रुपए की घूंस लेते हुए गिरफ्तार

ज्ञात हो कि जल संरक्षण के नाम पर क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र से जुड़े भाग लालगंज, शविराजपुर एवं शंकरपुर मे मध्यम स्तर के जलाशयों का निर्माण कराया गया। लेकिन विभाग और संबंधी ठेकेदार के गुणवक्ता विहीन बांध निर्माण कार्य कराए जाने के कारण शंकरपुर बांध को छोड़ दिया जाए। तो लालगंज और शविराजपुर मे निर्मित बांध में पानी नहीं रूक पाता। वहीं नलजल योजना के तहत लगभग सभी पंचायतों मे विशेष पानी की व्यवस्था के लिए करोड़ों खर्च कर दिए गए। लेकिन यह योजना आज भी कागजी घोडा साबित होती नजर आती है। क्षेत्र मे नहर निर्माण का कार्य न कराए जाने और प्रतिवर्ष बदलते मौसम से घटती बारिस के कारण समय से पहले पूरे अंचल का जलस्तर 100 से 150 फिट नीचे तक चले जाने के कारण आज नईगढ़ी कस्बा ही नहीं पूरे अंचल में पेयजल की समस्या हो रही है। ALSO READ MORE : छुहिया घाटी में अब 12 मार्च तक सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

अनदेखी बन रही जल संकट

नईगढ़ी अंचल मे तीन मध्यम स्तर के निर्मित जलासयो के अलावा करोड़ों खर्च से सैकड़ों की संख्या मे पानी रोकनें के लिए वाटर सेट एवं जल संवर्धन विभाग द्वारा बनाए गए बंधानो की गुणवत्ता पर यदि ध्यान दिया जाता, तो क्षेत्र मे यदि सिचाई उद्वहन योजना समय पर पहुंच जाती तो निश्चित ही क्षेत्र के कूप, ट्यूबवेल, नदी, पोखरो एवं झरनो का जल स्तर बना रहता। क्षेत्र की जनता को पानी की समस्या के लिए परेशान न होना पड़ता। प्रशासनिक अमले एवं जनप्रतिनिधियो के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण नईगढ़ी क्षेत्र के लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर है। ALSO READ MORE : धारदार हथियार समेत बड़ी घटना को अंजाम देने की फ़िराक घूम रहे दो बदमाशों को पुलिस नें अवैध आर्म्स के साथ किया गिरफ्तार

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