MP : रीवा के वीर बेटे पर पूरे गांव को नाज, शहीद का पोस्टर लेकर रैली निकाली, अंतिम दर्शन करने उमड़ी भीड़

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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा। छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद रीवा के सपूत लक्ष्मीकांत द्विवेदी का पार्थिव शरीर शुक्रवार को गांव लाया गया। पार्थिव देह गांव पहुंचते ही लोगों की आंखों में आंसू आ गए। पत्नी अंजू, बेटी रूचि (10) और परी (4) को सांत्वना देने पहुंचे लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।


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त्योंथर तहसील बरछा गांव निवासी लक्ष्मीकांत द्विवेदी छत्तीसगढ़ में पदस्थ थे। उनके दो भाई इंजीनियर हैं, जबकि एक भाई छत्तीसगढ़ पुलिस बल में हैं। लक्ष्मीकांत की ड्यूटी ई-कंपनी कैम्प छिंदनगर दंतेवाड़ा में थी। सुबह 9:30 बजे उन्होंने अपने घर वालों से आखिरी बार फोन पर बात की थी और अपने पिता को यह भरोसा दिलाया था कि छुट्टी में आकर वे उनका इलाज करवाएंगे, लेकिन चंद घंटों बाद ही उनके शहादत की खबर घर पहुंच गई। लक्ष्मीकांत के बड़े भाई इंजीनियर कमलाकांत ने कहा कि उनका सपना था कि गांव में पक्का मकान बने। यह सपना अधूरा ही रह गया।

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नक्सली हमले में वे शहीद हो गए। उनके शहादत की खबर सुनकर लोगों की आंखें भर आई। जिस पुत्र ने उनका इलाज करवाने का वादा किया था उसके शहादत की खबर पर अभी भी पीड़ित पिता को विश्वास नहीं हो रहे है। उनकी दो बेटियां थी। बड़ी बेटी रुचि 7 साल की है और छोटी बेटी पारुल 3 साल की हैं।

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ग्राम बरछा में होगा अंतिम संस्कार

नक्सली हमले में शहीद हुए जवान लक्ष्मीकांत द्विवेदी का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया है। वहां से विशेष वाहन से पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम बरछा शाम पौने पांच बजे लाया गया। शहीद के अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन ने सारी तैयारियां पहले ही कर ली थी।

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अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे

मंत्री और सांसद पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के ज्यमंत्री रामखेलावन पटेल और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला विशेष विमान से भोपाल से रीवा पहुंचे। दोनों अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। रीवा सांसद जर्नादन मिश्रा पहले ही शहीद के गांव पहुंच गए थे। वहीं, आईजी उमेश जोगा, डीआईजी अनिल सिंह कुशवाह और एसपी राकेश सिंह बरछा पहुंच गए। चाकघाट से ही शहीद के पार्थिव देह की अगवानी के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।

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