REWA : MP के बाहर से आए छात्रों से अधिक शुल्क वसूलने पर विश्वविद्यालय को नोटिस

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय प्रबंधन शुल्क वसूली को लेकर एक बार फिर विवादों में घिरता जा रहा है। कई छात्रों की ओर से की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी हुआ है। दो सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय प्रबंधन को आब्रजन शुल्क को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।

इनाम व बैठक तक सीमित रह गई है जिले की कानून व्यवस्था : बेख़ौफ़ हुए अपराधी नहीं है पुलिस का डर

अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने बताया कि मनगवां के दुबहई निवासी मनोज कुमार पाण्डेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 1996-97 में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से स्नातकोत्तर की डिग्री लिया था। 

विंध्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल के गायनी वार्ड में गंदगी देख भडक़े कमिश्नर, जिम्मेदारों को लगाई फटकार : अधीक्षक समेत तीन का वेतन काटने दिए निर्देश

अब उन्होंने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय क्षेत्र के स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय त्योंथर में विधि में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। जिस पर उनसे आब्रजन शुल्क के रूप में अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। इस पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तर्क दिया है कि मध्यप्रदेश के भीतर के छात्रों से अलग राशि ली जाती है और बाहर के छात्रों से अधिक राशि ली जाती है। विश्वविद्यालय के तर्कों से मनोज कुमार संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने हाईकोर्ट में तीन बिन्दुओं का उल्लेख करते हुए याचिका लगाई है।

GDC कॉलेज गेट के सामने बुजुर्ग महिला की हुई हत्या

जिसमें कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद १४ एवं १५ का उल्लंघन किया जा रहा है। इसमें समानता का अधिकार मिलने के साथ ही किसी को जन्मस्थल, जाति, धर्म, क्षेत्रीयता के आधार पर उसके साथ विभेद नहीं किया जा सकता। विश्वविद्यालय ने मध्यप्रदेश के बाहर के छात्रों से आब्रजन शुल्क सात हजार रुपए लिया जा रहा है। यह शुल्क विश्वविद्यालय के शुल्क समिति से अनुमोदित नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि उन्होंने अविभाज्य मध्यप्रदेश से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री ली थी।

जनपद पंचायत त्योंथर का एपीओ विजय त्रिपाठी 36 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

उस दौरान छत्तीसगढ़ का गठन नहीं किया गया था, इसलिए उनकी अंकसूची के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि वह मध्यप्रदेश के बाहर के छात्र हैं। इस मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव एवं वीरेन्द्र सिंह की युगल पीठ ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। कुलसचिव को यह जवाब समय पर प्रस्तुत करना होगा, अगली सुनवाई में कोर्ट अगला निर्णय बताएगा। 

विश्वविद्यालय इस तरह ले रहा शुल्क

विश्वविद्यालय में वर्ष 2016 के बाद से शुल्क को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं बनाई गई है। उस दौरान जारी किए नोटिफिकेशन के मुताबिक मध्यप्रदेश के बाहर से आए छात्र(विधि, बीएड, बीपीएड छोड़कर) से आब्रजन शुल्क एक हजार रुपए, मध्यप्रदेश के बाहर से विधि छात्रों से आब्रजन शुल्क सात हजार रुपए, मध्यप्रदेश के बाहर से बीएड और बीपीएड छात्रों से आब्रजन शुल्क पांच हजार रुपए निर्धारित किया गया है। इसी तरह मध्यप्रदेश के छात्रों से नामांकन शुल्क 500 रुपए, मध्यप्रदेश के बाहर से आए छात्रों से एक हजार रुपए निर्धारित है। इस पर लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।


ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या गूगल न्यूज़ या ट्विटर पर फॉलो करें. www.rewanewsmedia.com पर विस्तार से पढ़ें  मध्यप्रदेश  छत्तीसगढ़ और अन्य ताजा-तरीन खबरें

विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें  7694943182, 6262171534

Powered by Blogger.