कोरोना योद्धा घोषित करने की उठी मांग : पंचायत, महिला बाल विकास, परिवहन और आबकारी विभाग प्रमुखों ने कहा- हमारे अधिकारी-कर्मचारियों को योजना में शामिल करें

स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को कोरोना याेद्धा घोषित किए जाने के बाद अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को याेजना में शामिल करने की मांग उठने लगी है। इसे लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास व महिला बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिवों ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर मैदानी अमले को कोरोना योद्धा घोषित करने को कहा है। इसी तरह, परिवहन और आबकारी विभाग के आयुक्तों ने सरकार को पत्र लिखा है।

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मध्यप्रदेश सरकार ने काेरोना योद्धा योजना फिर शुरू कर दी है। CM शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को स्वास्थ्य कर्मियों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे विकट संकट में जान हथेली पर रखकर प्रदेश के स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात जनता की सेवा कर रहे हैं। कार्य करते-करते हमारे जो स्वास्थ्यकर्मी दिवंगत हो जाएंगे, उनके परिवार की देखरेख शासन की जिम्मेदारी होगी। उनके परिवारों को सरकार की ओर से 50 लाख रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी।

CM शिवराज का स्वास्थ्य कर्मियों को सम्बोधन; कहा -परिवार को मिलेगी 50 लाख की सम्मान निधि : देखरेख भी शासन की जिम्मेदारी

महिला बाल विकास संचालक स्वाति मीणा ने शुक्रवार को सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है, महिला एवं बाल विकास के संभागीय कार्यालय, जिला कार्यालय, वन स्टॉप सेंटर, बाल विकास परियोजना कार्यालय, बाल भवन, बाल देखरेख संस्थाओं, प्रशिक्षण, आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत अमले को कोरोना योद्धा घोषित करें।

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इसी तरह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने कलेक्टरों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है, विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, पंचायत समन्वय कर्मचारी, सविंदा, आउटसोर्स व अनुबंधित दैनिक वेतन भाेगी कर्मर्चारी कोविड 19 महामारी की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में क्वारैंटाइनन सेंटर और मेडिकल किट का वितरण करने का अहम काम इन कर्मचारियों के जिम्मे है। ऐसे में कोरोना संक्रमित होने की संभावना इन कर्मचारियों में बनी रहती है। लिहाजा, इन्हें कोरोना योद्धा घोषित किया जाए।

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परिवहन व आबकारी ने कैटेगिरी बांट दी

परिवहन आयुक्त मुकेश जैन और आबकारी आयुक्त राजीव दुबे ने कोरोना योद्धा घोषित करने के साथ ही असमय मौत होने पर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देने के लिए कैटेगिरी बना दी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रथम श्रेणी के लिए 60 लाख, द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को 50 लाख आर्थिक सहायता दी जाना चाहिए, जबकि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए क्रमश: 40 व 30 लाख रुपए परिजनों को देने की मांग की है।

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