REWA : रीवा मेडिकल कॉलेज में 36 मरीज भर्ती, 22 दिन के भीतर 11 मरीजों की ब्लैक फंगस से मौत , HOD का वीडियो वायरल तो डीन ने वीडियो जारी कर दी सफाई

 

रीवा। एसएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में 22 दिन के भीतर 11 मरीजों की मौत ब्लैक फंगस से हुई है। हालांकि अब मौत का आंकड़ा 14 के आसपास पहुंच गया है। इस बात का दावा बीते दिन ब्लैक फंगस के HOD एवं एसएस मेडिकल कॉलेज के प्रो. सुरेन्द्र सिंह मौपाची ने किया था। उन्होंने कहा था कि ब्लैक फंगस के ऑपरेशन में उपकरण पड़ रहे कम। इसलिए रीवा मेडिकल कॉलेज में मौतें ज्यादा हो रही।

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शुक्रवार की सुबह जैसे ही प्रो. सुरेन्द्र सिंह मौपाची का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो रीवा जिला प्रशासन हरकत में आ गया। ऐसे में एसएस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनोज इंदुलकर ने खुद वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जो वीडिया वायरल हो रहा है। दरअसल वह वीडियो ऐसा नहीं है। हमारे पास ऑपरेशन के इंस्ट्रूमेंट पर्याप्त, जो मौतें हुई वह नेचुरल तरीके से हो रही है। हम जटिल से जटिल ऑपरेशन भी कर मरीजों को ठीक कर चुके हैं।

बाए: प्रो. सुरेन्द्र सिंह मौपाची, दाए: डीन डॉ. मनोज इंदुलकर।

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    उपकरण और दवाइयों का आभाव: प्रो. सुरेन्द्र सिंह मौपाची

    एसएस मेडिकल कॉलेज रीवा ब्लैक फंगस के HOD प्रो. सुरेन्द्र सिंह मौपाची ने बताया कि अभी कुल अस्पताल में 36 मरीज भर्ती है। जिनमें से 5 आईसीयू में दाखिल है। हालांकि अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। ऑपरेशन में उपकरण और दवाइयां भी रोडा बन रही है। हमारे पास ऑपरेशन करने का एक सेट पुराना इंस्ट्रूमेंट है। इटालाइजेशन के बाद डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ता है। जहां पर इंटो स्कोप के दो सेट ऑर्डर किए है। वहीं दो सेट फ्रेस इंस्ट्रूमेंट बाम्बे से मंगाए है।

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    वीडियो वायरल होने के बाद क्या बोले डीन

    जिस वीडियो में ब्लैक फंगस के ऑपरेशन में उपकरण का आभाव बताया जा रहा है। दरअसल हमारे पास पर्याप्त उपकरण है। जिनकी मौत हुई है, वो ऑपरेशन के आभाव में नहीं हुई है। बल्कि वह नेचुरल मौत है। जो इंफेक्शन नाक से आंख और आंख से ब्रेन के सभी हिस्सों में फैल जाता है। वहां मौत के ज्यादा चांस बढ़ जाते हैं। हमारे यहां जो मरीज साइनिसिस तक सीमित थे और आंखों तक उनका सफलता पूर्वक ऑपरेशन हो रहा है। हमारे यहां 59 लोगों की इंडोस्कोपी हुई है। इसके अलावा 12 लोगों की सर्जरी कर ब्लैक फंगस को निकाल दिया गया है।

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    एक नजर में आंकड़े

    - 36 मरीज भर्ती

    - 11 के मौत की पुष्टि

    - 14 सूत्रों के अनुसार मौतें

    - 5 आईसीयू में भर्ती मरीज

    - 1 सेट पुराना उपकरण

    - 2 सेट इस्टूमेंट मगाएं

    - 2 सेट इंटो स्कोप के दिए ऑर्डर

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