MP : रंग लाई मैहर भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी की मुहिम : प्राणवायु का सपना हुआ साकार, मैहर सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का हुआ भूमिपूजन

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें

सतना। जन सहयोग से मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने प्राणवायु का सपना साकार कर दिया है। यहां भाजपा विधायक की मुहिम के कारण ही रविवार की दोपहर ऑक्सीजन प्लांट का भूमिपूजन कर दिया गया। बताया गया कि मैहर इन दिनों प्राणवायु के मामले में आत्मनिर्भर हो गया। सही मायने में विधायक नारायण त्रिपाठी ने आत्मनिर्भर की परिभाषा बताई है। भूमि पूजन के समय विधायक के साथ एसडीएम सुरेश अग्रवाल, सीएमएचो डॉ अशोक अवधिया, दिलीप त्रिपाठी, डॉ प्रदीप निगम, विश्वनाथ चौरसिया, गुड्डू भैया, पार्षद प्रमोद सिंह सहित अन्य समाजसेवी मौजूद रहे।

नाले के किनारे बैठकर रिश्तेदारों ने की शराबखोरी फिर युवक की गला रेतकर कर दी हत्या : सुबह लहूलुहान हालत में मिला शव

बता दें कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का काम अभी पूरा भी नहीं हो पाया कि सिविल अस्पताल मैहर में आक्सीजन प्लांट शुरू करने की तमाम तैयारियां पूरी होकर रविवार भूमिपूजन कर दिया गया। इसके पहले मैहर प्लांट के उपकरण शनिवार की देर रात पहुंच गए थे। अब सोमवार को इंजीनियरों की टीम मैहर पहुंचकर ऑक्सीजन प्लांट को इंस्टॉल करेगी।

ससुराल जाने से पत्नी ने मना किया तो सनकी पति ने घोंप दिया चाकू, फिर खुद के गले पर चाकू मारकर लहुलूहान हुआ : गंभीर हालत में दोनों जिला अस्पताल रेफर

विधायक की पहल पर 45 लाख में प्लांट लगाएगी कंपनी

सिविल अस्पताल मैहर में एटोम्स पावर प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद गुजरात की कंपनी द्वारा ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट इसी कंपनी द्वारा लगाए जा रहे है। जहां पर प्लांट की लागत 90 लाख रुपए बताई जा रही है। विधायक नारायण त्रिपाठी के आग्रह पर कंपनी 45 लाख रुपए में प्लांट लगाने को तैयार हो गई है।

मैहर-उमरिया स्टेट हाइवे पर भीषण सड़क हादसा / 60 की स्पीड में अल्टो कार का निकला पहिया, नाना की मौत, बेटी और दो पोतियां गंभीर

प्रति मिनट 300 लीटर उत्पादन क्षमता

बताया कि प्लांट में प्रति मिनट 300 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता होगी। कोरोना काल में जब अस्पताल के सभी बेड फुल थे। तब प्रति मिनट 250 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। प्लांट शुरु होने के बाद दूसरी ईकाइयों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी भी नहीं रहेगी।

Powered by Blogger.