MP : शिवराज कैबिनेट की बैठक में निर्णय : तबादलों की समय सीमा 1 सप्ताह और बढ़ी

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मध्यप्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले अब 7 अगस्त तक होंगे। शिवराज कैबिनेट ने इसके लिए तय अंतिम तारीख 31 जुलाई को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। सरकार के प्रवक्ता एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि तबादला नीति में अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई थी, लेकिन मंगलवार को बैठक के दौरान तबादलाें से हटे प्रतिबंध की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया है।

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मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि नियमों के फेर में तबादला सूची अब तक जारी नहीं हो सकी है। इससे अधिकारी और कर्मचारी परेशान हो रहे थे। बताया जा रहा है कि सभी विभागों में करीब 24 हजार ट्रांसफर एप्लिकेशन पेंडिंग हैं। मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे को उठाया। बताया जाता है कि अब तक सूचियां जारी नहीं होने के कारण कई मंत्री नाराज थे।

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कई मंत्री सूची अनुमोदित कर मंत्रालय भेज चुके हैं, लेकिन विभाग के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों ने जांच के नाम पर अब तक आदेश जारी नहीं किए। मध्यप्रदेश में तबादले 1 से 31 जुलाई के बीच किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए थे। इसके आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नीति जारी की थी। इसमें कहा था कि तबादलों की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बाद एक भी आदेश जारी नहीं किया जाएगा, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी उच्च शिक्षा, जल संसाधन, वाणिज्यिक कर और पंचायत एवं ग्रामीण विभाग विभाग ने एक-एक सूची ही जारी की है।

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मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि तबादला सूचियां जारी नहीं हो पाने की दो वजह हैं। दरअसल, तबादला नीति में साफ कहा गया कि तबादला आदेश जारी करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आदेश को न्यायालय में चुनौती ना दी जा सके। यदि ऐसा होता है तो इसके लिए संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव अथवा प्रमुख सचिव जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही विभाग प्रमुखों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे तबादला सूची अपने ऑफिशियल ई-मेल से जारी करेंगे।


इन दो नियमों के चलते अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मंत्रियों से अनुमोदित तबादला सूचियों का बारीकी से परीक्षण कर रहे हैं। इसके चलते आदेश जारी होने में विलंब हो रहा है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने दावा किया है कि सभी विभागों में कुल मिलाकर 24 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं। कई मंत्रियों के यहां सूची अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है। अधिकतर मंत्रियों ने सूची अनुमोदित कर विभाग के अपर मुख्य सचिव या फिर प्रमुख सचिव को भेज दी है। इसके बावजूद आदेश जारी नहीं हाे पाए हैं।


30% तक तबादलों के प्रस्ताव

सूत्रों बताया कि तबादला नीति में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी विभाग में संबंधित संवर्ग में 10% से अधिक तबादले नहीं किए जाएंगे। कई मंत्रियों ने 20 से 30% तक नाम अनुमोदित कर दिए हैं। ऐसे में मंत्रालय के अफसर असमंजस में हैं कि नाम कैसे कम किए जाएं? हालांकि इसे लेकर मंत्रियों और विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर ली है।


विधायकों का ज्यादा दबाव

तबादलों को लेकर मंत्री इसलिए भी परेशान हैं, क्योंकि हर विधायक ने 20% से 50% तक तबादले करने की सिफारिशें की हैं। इसके अलावा संगठन के पदाधिकारी भी तबादलों को लेकर मंत्रियों पर दबाव बना रहे हैं।



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