REWA : उठाइये मौसम का लुफ्त : प्रकृति की सुन्दरता को चार चॉद लगाने वाले ये चार बड़े वाटर फाल टूरिस्टों को अपनी ओर कर रहें आकर्षित

रीवा। जिला वाटर फाल से धनी है और चार बड़े वाटर फाल सहित अन्य छोटे-छोटे फाल इस धरती और प्रकृति की सुन्दरता को चार चॉद लगाने में अपनी महती भूमिका निभाते हुए टूरिस्टों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। वाटर फालों की सुन्दरता को देखने के लिए बारिश होने के बाद अब टूरिस्ट भी पहुंचने लगे हैं। शहर से महज 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पुरवा वॉटर फाल में सबसे ज्यादा टूरिस्ट इन दिनों देखे जा रहे हैं। शहर मुख्यालय से यह फाल सबसे नजदीक होने के कारण वॉटर फाल का नजारा देखने टूरिस्ट पहुंचते हैं। जबकि क्योंटी, चचाई, घिनौचीधाम, खंधों सहित अन्य वॉटर फाल में भी टूरिस्ट उसका नजारा देखने के लिए जाते हैं।

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अद्भुत है वॉटर का नजारा

2 से 3 सौ फिट नीचे पत्थरों से टकराकर पानी फाल में पहुंचता है तो इस दौरान पानी के गिरने की रफ्तार और उससे पानी का निकलने वाला धुंध का नजारा देखते ही बनता है और सह सैलानियों के लिए अपने आप में आकर्षक होता है। फाल को देखने के साथ ही इस नजारे को वे अपने मोबाइल और कैमरों में भी कैद करने से अपने आप को नहीं रोक पाते हैं। दुर्गम पहाड़ियों के बीच छोटी-छोटी नदियों से वॉटर फाल का कनेक्शन होने के कारण बारिश होने के साथ ही फाल में पर्याप्त पानी पहुंचने लगा है। वहीं सावन, भादौ की बारिश में तो फालों की रौनकता और उसका नजारा देखते ही बनता है। जब नदियों का पर्याप्त पानी फाल में पहुंचता है और पानी और चट्टानों के बीच टकरार के बीच जो नजारा तैयार होता है वह अपने आप में आकर्षित करने वाला अद्भुत नजारा होता है। फालों में सैलानियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब प्रशासन भी फालों को बेहतर बनाने के लिए पहल कर रहा है। पुरवा फाल में रेलिंग आदि लगाकर सैलानियों के लिए व्यवस्था बनाई गई है तो वहीं घिनौचीधाम, गोविंदगढ़ का खंधो वॉटर फाल को भी तैयार करने की पहल की गई है। जबकि दुर्गम क्षेत्र में बसा क्योंटी का वॉटर फाल और सिरमौर के चचाई वॉटर फाल को सैलानियों के हिसाब से तैयार करने के लिए भी प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है।

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ये हैं वॉटर फाल

जिले में जो चार प्रमुख वॉटर फाल हैं उनमें मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर बीड़ा सेमरिया मार्ग में पुरवा फाल इसी तरह सेमरिया- सिरमौर मार्ग में चचाई वॉटर फाल, सिरमौर-लालगांव मार्ग में क्योटी वॉटर फाल तो वहीं नईगढ़ी के पास बहुती का बड़ा वॉटर फाल है जिनका वृहंगम दृश्य देखते ही बनता है। इसी तरह बरदहा सिरमौर के पास बरदहा पिआमन एवं घिनौची धाम वॉटर फाल और गोविंदगढ़ के पास खंधों वॉटर फाल स्थित है। सभी स्थानों पर टूरिस्ट बारिश के मौसम में सर्वाधिक पहुंचते हैं।

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