MP : अपनों ने ही छोड़ा साथ : आठ महीने की प्रेग्नेंट महिला को पति मायके छोड़ गया, मां और भाई अस्पताल में छोड़कर भागे; पुलिस ने 5 हजार रु का चंदा इकट्ठा कर शुरू कराया इलाज

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जबलपुर में 8 महीने की प्रेग्नेंट महिला को जब ससुराल और मायके वालों ने छोड़ दिया तो पुलिस उसका सहारा बन गई है। गर्भवती महिला को पति मायके छोड़ गया था। मां और भाई ने भी उसे अपने साथ नहीं रखा और अस्पताल के बाहर छोड़कर चले गए। वह दर-दर भटकती रही। पुलिस को सूचना मिली तो वह उसके पास पहुंची। उसने अपनी कहानी बताई तो पुलिस ने उसे शहर के एल्गिन अस्पताल में भर्ती कराया। दो महिला कांस्टेबल को उसकी देखभाल के लिए तैनात किया गया है। पुलिस ने चंदा करके पांच हजार रुपए और दवा, खाने-पीने का भी इंतजाम किया है।

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टीआई एसपीएस बघेल के मुताबिक, डायल-100 पर महिला से रेप की सूचना आई थी। पुलिस पहुंची तो तैयब अली पेट्रोल पंप के पास महिला अकेली मिली। महिला को थाने लाया गया। यहां महिला कॉन्स्टेबल की मौजूदगी में उसने बताया कि उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ है। वह अपनों से पीड़ित है। पति ने मायके में छोड़ दिया है। मां व भाई उसे अस्पताल छोड़कर भाग गए।

ये है पूरा मामला

महिला की पहचान जैन मंदिर खितौला निवासी हिना अग्रवाल (28) के रूप में हुई है। हिना ने BE किया है, पर पिता की मौत के बाद हालात बदल गए। मां दूसरे के घरों में काम करती है। भाई भी मजदूरी करता है। हिना की शादी एक साल पहले उसकी मर्जी के खिलाफ खरगापुर टीकमगढ़ निवासी सुरेंद्र सिंह ठाकुर से करा दी गई। शादी के बाद उसे पति की असलियत पता चली। सुरेंद्र सिंह शराब का लती निकला। वह अच्छे से देखभाल नहीं करता था। उसके साथ मारपीट करने लगा था। इसके चलते हिना मानसिक रूप से डिस्टर्ब हो गई।

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विवाद के बाद पति छोड़ गया मायके

हिना ने बताया कि इसी बीच वह प्रेग्नेंट भी हो गई। पति के शराब पीने की आदत के चलते दोनों में विवाद होता था। मारपीट के चलते कई बार मामला थाने भी पहुंचा। महिला थाने की पुलिस ने दोनों को समझाया, लेकिन पति ने अपनी आदतें नहीं छोड़ी। कुछ दिन पहले पति सुरेंद्र उसे मायके छोड़ गया। उधर, बुधवार की रात करीब 9 बजे तबीयत खराब होने के बाद हिना की मां शशि अग्रवाल और भाई हिमांशु अग्रवाल उसे लेकर एल्गिन अस्पताल पहुंचे।

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रात में अस्पताल से निकल गई थी

हिना ने बताया, 'भर्ती कराने से पहले अस्पताल के बाहर चाय की दुकान पर भाई व मां ने मेरे साथ मारपीट भी की और मुझे छोड़कर चले गए। इसके बाद मैं अस्पताल गई तो डॉक्टर ने खून की कमी बताई। थोड़ी देर बाद मैं अस्पताल से निकल गई। तभी मुझे देखकर किसी ने डायल-100 पर रेप की सूचना दी। फिर ओमती पुलिस ने मुझे फिर से एल्गिन में भर्ती कराया।' पुलिस ने खितौला पुलिस के माध्यम से मां व भाई से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि वे घर में ताला लगाकर गायब हैं।

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अब पुलिस करा रही महिला का इलाज

पति, मां और भाई के छोड़ कर जाने के बाद से ओमती पुलिस हिना अग्रवाल का इलाज करा रही है। थाने से दो महिला आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस ही उसे भोजन, जूस उपलब्ध करा रही है। एल्गिन की महिला डॉक्टर के मुताबिक उसकी हालत अभी ठीक नहीं है। डिस्चार्ज करना उसकी जिंदगी के लिए खतरनाक होगा।

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24 घंटे बाद लौटे मां और भाई

उधर, गुरुवार की रात करीब 11 बजे हिना की मां और भाई लौटे। ओमती पुलिस को हिना की मां ने बताया कि बेटी की मानसिक हालत कुछ खराब हो गई है। पैसों की तंगी के चलते वह उसका इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं। बाहर भाई से वह झगड़ा करने लगी। वहां लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। मैं डर गई थी। इस कारण बेटे को लेकर निकल गई थी।

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