REWA : CG जेल में बंद रियल स्टेट कारोबारी आरोपी के परिजन से ठगी : 4 आरोपियों ने जमानत के नाम पर 2.50 करोड़ ठगे, अन्य की तलाश जारी

       

रीवा जिले की अमहिया पुलिस ने 2.50 करोड़ की ठगी करने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल रियल स्टेट कारोबारी धोखाधड़ी के आरोप में छत्तीसगढ़ की बैकुंठपुर जेल में बंद है। दिल्ली के पत्रकार अजय विक्रम सिंह समेत 4 लोगों ने कारोबारी को जमानत दिलाने के नाम पर उसकी पत्नी से ठगी की थी। कारोबारी की पत्नी सीमा अग्रवाल ने 31 दिसंबर 2021 को केस दर्ज कराया था। इसके बाद 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को आरोपी अजय विक्रम सिंह और मोहम्मद फरीद को रीवा कोर्ट में पेश किया गया। यहां से जेल भेज दिया गया।

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एएसपी शिवकुमार वर्मा ने बताया कि रीवा के नामी डॉक्टर की बहन सीमा अग्रवाल निवासी बोदा बाग ने थाने में शिकायत की थी। सीमा के पति संजय छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर में रियल स्टेट के कारोबारी हैं। उनके खिलाफ जमीन फर्जीवाड़े की शिकायतें दर्ज थीं। 2 सितंबर 2020 को संजय अग्रवाल को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ 18 व 19 सितंबर 2020 को दो अन्य केस दर्ज हुए। जब सीमा पति से मिलने जेल में पहुंची। यहां संजय ने उसे जमानत के लिए फरीद नाम के व्यक्ति से ओबरा में मिलने के लिए कहा।

संजय के कहने पर आरोपी से मिले

संजय ने कहा था कि फरीद पूरा सिस्टम जमा देगा। उसका कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से संबंध हैं। वह अच्छे वकीलों को भी जानता है। उससे संपर्क कर लेना। उसका नंबर मेरे फोन में है। इसके बाद सीमा ने पूरी बात भाई डॉ. रवि अग्रवाल को बताई। उन्होंने पहली बार 24 सितंबर 2020 को संजय के मोबाइल नंबर 9425256827 से फरीद के मोबाइल नंबर 9792378386 कॉल किया। फरीद ने कहा कि वह उनकी हर तरह से मदद करेगा।

फरीद ने की बड़े पत्रकार से बात

डॉ. रवि अग्रवाल को फरीद ने बताया कि दिल्ली स्थित मीडिया संस्थान में कार्यरत पत्रकार अजय विक्रम सिंह से बात हुई है। उनके कांग्रेस पार्टी के नेताओं और वकीलों से संबंध हैं। उन्होंने लखनऊ में मिलने बुलाया है। तब फरीद ने मामले को निपटाने के लिए 1.50 करोड़ रुपए मांगे। तब डॉ. रवि अग्रवाल ने डील की। इसकी जानकारी परिजनों को दी। साथ ही, बैकुंठपुर जाकर ससुर से 1.50 करोड़ रुपए नकद लेकर आए। फिर 8-10 अक्टूबर 2020 को लखनऊ में फरीद से होटल में मिले। फरीद के डिमांड के अनुसार 30 लाख रुपए एडवांस दिए।

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लखनऊ डेंटल कॉलेज के पास पत्रकार से मुलाकात

डॉ. रवि ने बताया कि फरीद उन्हें लखनऊ स्थित डेंटल कॉलेज के पास लेकर गया। यहां उन्हें अजय सिंह नाम का व्यक्ति मिला। फिर दोनों ने पिंटू उर्फ संदीप तिवारी नामक व्यक्ति से मिलाया। संदीप ने बताया कि अजय कांग्रेस नेता है। उसने डॉ. रवि अग्रवाल से कहा कि आपका काम हो जाएगा। इसके बाद दोनों डॉ. रवि को लखनऊ स्थित अजय सिंह के कार्यालय ले गए। यहां अजय का साथी भी मौजूद था। वहां उन्होंने 60 लाख रुपए अगली मीटिंग में लाने के लिए कहा। 15 दिन बाद डॉ. रवि ने रुपए दे दिए।

डॉ. रवि से एक करोड़ रुपए और मांगे

सीमा ने बताया कि कुछ दिन बाद फरीद ने भाई डॉ. रवि से कहा कि आपके जीजा का मामला पेचीदा है। एक करोड़ रुपए और लगेंगे। यदि व्यवस्था कर लेंगे, तो ठीक है। वरना पहले का दिया गया पैसा भी डूब जाएगा। फिर 20 दिसंबर 2020 को फरीद रीवा आकर 50 लाख रुपए ले गया। दबाव बनाकर 50 लाख और ले लिए। इस तरह 2.50 करोड़ रुपए ले लिए। कुछ दिन बाद न काम हुआ और न राशि मिली। ऐसे में आरोपियों से पीड़ित पक्ष ने बात की, तो टालने लगे। फरीद ने कहा कि उसे सिर्फ 30 लाख रुपए मिले हैं। 50 लाख रुपए अजय सिंह और 1.50 करोड़ रुपए पिंटू के पास है।

ये हैं मुख्य आरोपी

पुलिस ने बताया कि मो. फरीद पुत्र जिकरुल हक, यूपी, अजय विक्रम सिंह पुत्र जय बहादुर सिंह, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। जबकि संदीप तिवारी उर्फ पिंटू तिवारी पुत्र एसएन तिवारी, यूपी और राम आर्य पाठक निवासी यूपी फरार हैं।

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