Children's Day Special Story : रीवा के दो लिटिल गूगल बॉय, 2 साल की उम्र से ही दोनों का दिमाग कम्प्यूटर से भी तेज

 
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रीवा के 'दो लिटिल गूगल बॉय' (google boy) इन दिनों चर्चा में हैं। महज 2 साल की उम्र में ही दोनों का दिमाग कम्प्यूटर से भी तेज चलता है। पहले बच्चे का नाम यशस्वी मिश्रा (Yashasvi Mishra) तो दूसरे का अविराज तिवारी (Aviraj Tiwari) है। यशस्वी दुनिया के सभी 195 देशों के झंडे तुरंत पहचान लेता है। इसके लिए उसे 3 पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें लंदन (london) की संस्था का वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड (world book of records) ,हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकाॅर्ड (Harvard World Records and International Book of Records) शामिल हैं। वहीं, अविराज कई देशों का नक्शा पहचान सकता है। हाल ही में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड (world book of records) में नाम दर्ज हुआ है। वे भारत के नक्शे को देखकर राज्य और उसकी राजधानी का नाम चंद सेकेंड में बता देता है।

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रीवा के रहने वाले 14 महीने के गूगल बॉय  (google boy)  को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (world book of records) में जगह मिली है। उसकी मेमोरी इतनी शार्प है कि जिस चीज को एक बार देख-सुन लेता है, उसे भूलता नहीं। यशस्वी के तेज दिमाग को देखते हुए शुरुआती दौर ​में माता-पिता ने दुनियाभर के देशों का झंडा दिखाकर सवाल-जवाब किए, तो उसने तुरंत ही सटीक जवाब दे दिए।

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25 फरवरी 2022 को ऑनलाइन टेस्ट (online test) में 26 देशों के नेशनल फ्लैग (national flag) को याद रखने के लिए यशस्वी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड (world book of records) में दर्ज किया गया है। इसके लिए लंदन की संस्था ने उसे सर्टिफिकेट (certificate) भी जारी किया है। टीम ने 8 अप्रैल को सबसे कम उम्र में 26 देशों के झंडे पहचानने के लिए यशस्वी मिश्रा को यह सम्मान दिया है।

गांव के रहने वाले हैं पिता

यशस्वी के पिता संजय मिश्रा मूलत: रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत अमिलिहा गांव (तमरा देश) के रहने वाले हैं। संजय मिश्रा के पिता अवनीश मिश्रा दुआरी हायर सेकंडरी स्कूल में प्राचार्य हैं, जो रीवा बस स्टैंड (rewa bus stand) के समीप पैतृक मकान में रहते हैं। संजय लखनऊ (lucknow) में विज्ञापन कंपनी के डायरेक्टर (director) हैं, जो परिवार समेत लखनऊ के शालीमार काॅलोनी (Shalimar Colony) में रहते हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पांच साल का व छोटा बेटा 14 महीने का है। यशस्वी का जन्म 25 दिसंबर 2020 को हुआ।

मां ने पहचानी बेटे की प्रतिभा

यशस्वी की मां शिवानी मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी (Kanpur University) से लॉ (law) की पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि यशस्वी 4 से 8 महीने के बीच फूल और चित्र देखकर पहचान करने लगा था। फिर उसे हर दिन कई तरह के फूलों की पहचान करानी शुरू की। फ्लैश कार्ड के माध्यम से मां ने यशस्वी को अलग-अलग देशों के झंडे की पहचान करानी शुरू की।

सबसे छोटे बच्चे का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

संजय मिश्रा (sanjay mishra) का कहना है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन (world book of records london) की टीम ने बताया कि यशस्वी मिश्रा सबसे छोटा बच्चा है, लेकिन उसका रिकॉर्ड सबसे बड़ा है। इन्हीं बातों को देखकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम हैरान है। उनके पास अभी तक 14 महीने के बच्चों का कोई रिकॉर्ड नहीं था। हमने टीम को 26 देशों के झंडे का ही वीडियो भेजा था।

यशस्वी मिश्रा की खासियत

3 रिकॉर्ड मिलने के बाद यशस्वी इन दिनों विज्ञान, भौतिकी, गणित, रसायन शास्त्र, इतिहास, भूगोल और सामान्य ज्ञान से जुड़ी नॉलेज अपडेट कर रहे हैं। यशस्वी इन सभी विषयों से जुड़े नाम, चित्र और वस्तुओं से जुड़े 1000 से ज्यादा फ्लैश कार्ड चंद सेकेंड में पहचान लेते हैं। यशस्वी के पिता संजय मिश्रा मूलत: रीवा के गुढ़ तहसील अंतर्गत अमिलिहा गांव के रहने वाले हैं। वे फिलहाल लखनऊ में रहकर एक विज्ञापन कंपनी में जॉब कर रहे हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 5 साल का व छोटा बेटा यशस्वी 23 महीने का है। यशस्वी का जन्म 25 दिसंबर 2020 को हुआ।

अविराज तिवारी की खासियत

अविराज की मेमोरी इतनी तेज है कि जिसे भी एक बार देख लेते हैं, उसे कभी नहीं भूलता। 6 महीने पहले माता-पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए कुछ वीडियो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड वालों को भी भेजे। वीडियो देखने के बाद संस्था ने कहा कि 13 साल के बाद बच्चों को रिकॉर्ड देते हैं। अविराज इंडियन एयरफोर्स के सभी विमानों को देखते ही उसके नाम बता देते हैं।

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भारत के सभी राज्यों का नक्शा पहचाने के लिए 4 नवंबर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की ओर से प्रमाण पत्र ​जारी किया गया है। अविराज के पिता रामकृष्ण तिवारी मूलत: रीवा के मनगवां तहसील अंतर्गत तिवनी गांव के रहने वाले हैं। पिता इंडियन एयरफोर्स में ऑफिसर हैं। वे परिवार सहित पंजाब राज्य के पठानकोट में रहते हैं। अविराज उनका इकलौता बेटा है। अविराज का जन्म 1 मार्च 2020 को हुआ।

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