प्रदेश में तेजी से फुट रहा कोरोना, संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लेगा LOCKDOWN का फैसला


भोपाल । प्रदेश में एक बार फिर कोरोना वायरस संक्रमण का फैलाव तेजी से हो रही है। भोपाल सहित अन्य जिलों में बड़ी संख्या में पॉजिटिव प्रकरण सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लॉकडाउन कर संपर्क की कड़ी को तोड़ने की रणनीति अपनाई है। प्रदेश के कई जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से लॉकडाउन की अवधि। तय की जा रही है। भोपाल में चार अगस्त, कटनी में दो अगस्त तो जबलपुर में सोमवार तक लॉकडाउन रखा गया है।


शनिवार और रविवार को कई शहरों में बाजार बंद रखे जा रहे हैं। प्रदेश के गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कलेक्टरों को जिला आपदा प्रबंधन समूह के साथ बैठक करके स्थानीय परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए भोपाल में बाजार चार अगस्त तक पूरी तरह बंद रखे गए हैं। राज्य स्तरीय कार्यालयों में भी 30 फीसद कर्मचारियों के साथ काम चलाने के लिए कहा गया है।


वहीं, जबलपुर, शहडोल, ग्वालियर, भिंड, रायसेन सहित अन्य जिलों में स्थानीय स्थितियों के हिसाब से निर्णय लिए जा रहे हैं। लॉकडाउन का असर उद्योग-धंधों पर न पड़े, इसके लिए आर्थिक गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।पड़ोसी राज्यों की सीमा से लगे जिलों में आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।


लापरवाही बन रही बड़ी वजह

बताया जा रहा है कि मुरैना, बड़वानी जैसे जिलों में कोरोना पॉजिटिव की बढ़ती संख्या लापरवाही का नतीजा है। दरअसल, अनलॉक के बाद आमजन ने जहां कोरोना की रोकथाम के लिए जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज किया, वहीं प्रशासनिक अमला भी निष्क्रिय हो गया।


यही वजह है कि बाजार, पार्क आदि स्थानों पर भीड़ जमा होने लगी। शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया गया। यहां तक की सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना भी कम कर दिया गया। यही वजह से नियंत्रित होती जा रही स्थिति एक बार फिर बिगड़ने लगी है।


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सावधानियां सभी को रखनी पड़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के चलते रहेंगे काम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए मनरेगा के काम चलते रहेंगे। शारीरिक दूरी का पालन करते हुए काम कराए जाएंगे। हर व्यक्ति को मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा।


36 लाख हितग्राहियों की बनेंगी पात्रता पर्ची

उधर, खाद्य नागरिक आपूूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने शनिवार को विभागीय समीक्षा में अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन 36 लाख हितग्राहियों की पात्रता पर्ची अगस्त में बनवाई जाए, जो अभी तक खाद्यान्न पाने से वंचित थे। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इन सभी को राज्य अपनी ओर से राशन देगा।


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