REWA : छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी गोबर प्लांट लगाए सरकार : पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी


रीवा। पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने कहा है कि जिस तरह से छत्तीसगढ़ की सरकार ने गोबर प्लांट की स्थापना तहसील लेवल पर करने के साथ ही गोबर खरीदने की योजना बनाई है। उसी तरह मध्यप्रदेश की सरकार को भी निर्णय लेना चाहिए। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की हो रही अकारण मौतें रोकने के साथ ही इन मवेशियों का संरक्षण होगा और लोग अपने घरों में इन्हें पालने लगेंगे।


ग्रामीण क्षेत्रों में गौवंश का संरक्षण होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। तिवारी ने कहा कि तहसील स्तर पर गोबर खरीदे जाने की वजह से उससे वर्मी कंपोस्ट खाद, प्लाईवुड, फाइलें, डिस्टेंपर, पेंट आदि बनाए जा सकते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को फिर से पत्र लिखा है।


पूर्व में प्रधानमंत्री के साथ ही सात प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था कि योजना बनाकर गोबर का व्यवसायिक उपयोग करें तो लोग मवेशियों को अपने घरों में ही रखने लगेंगे। इससे आवारा मवेशियों की समस्या से छुटकारा मिलेगा। घर पर मवेशियों की सेवाकर लोग रोजगार बढ़ाएंगे।


पूर्व विधायक तिवारी ने कहा है कि यदि उनकी मांगों को सरकार नहीं मानेंगी तो महामारी आंदोलन चलाएंगे, जिसमें बताएंगे कि गोबर से ही कल्याण हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा, बल्कि आवश्यकता की दृष्टि से योजना बनाकर कार्य किया जाए। इस प्रेस कांफ्रेंस में प्रमुख रूप से बीजी शर्मा,रमेश पाण्डेय, देवेन्द्र शुक्ला, मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य मौजूद रहे।


नेता क्षेत्र की समस्या पर बोल नहीं पाते

पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने कहा है कि जिले के साथ ही पूरे विंध्य के नेता ऐसे हो गए हैं कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को नजरंदाज करने लगे हैं। व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए हर किसी से मांग कर लेंगे लेकिन जहां जनता के हितों की बात होती है तो सब खामोश हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यही हाल मऊगंज को जिला बनाए जाने पर भी रहा है।


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