BHOPAL : रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला को ये बड़ा पद देने की तैयारी, जल्द हो सकती है घोषणा


ऋतुराज द्विवेदी,भोपाल। शिवराज मंत्रीमंडल में विंध्य खासतौर से रीवा जिले को मजबूत प्रतिनिधित्व न मिल पाने के कारण यहां के लोगों में भाजपा के प्रति जमकर नाराजगी है। यहां की जनता की नाराजगी को दूर करने के लिए रीवा विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को विधानसभा अध्यक्ष बनाने पर मंथन चल रहा है।


शिवराज मंत्रीमंडल की घोषणा होने के साथ ही यहां की जनता में भाजपा के प्रति खासी नाराजगी है। पिछले एक पखवाड़े से यह नाराजगी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही है। यहां की जनता का मानना है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनवाने में सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों के साथ ही विंध्य का भी अहम रोल रहा है। जहां 30 में से 24 सीटे बीजेपी के खाते में आई थी। जबकि रीवा जिले की आठों की आठों सीटे बीजेपी के खाते में गई थी। यही स्थिति लोकसभा चुनाव में भी रही। यहां की जनता ने बीजेपी के पक्ष में जमकर वोटिंग की। पर जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी तो रीवा जिले को पूरी तरह के दरकिनार कर दिया गया। ऐसे में यहां के जनता के मन में बीजेपी के प्रति खासा आक्रोश है। 


वहीं रीवा की जनता का मानना है कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब रीवा की गिनती प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में होती थी। पर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद यहां से राजेंद्र शुक्ला को मंत्री बनाया गया। जिसका असर रीवा में पूरी तरह से देखने को मिला। पिछले दस वर्षों में प्रदेश में जितनी प्रगति रीवा जिले ने की उतनी जबलपुर जैसे महानगर नहीं कर पाए। अगर जिले की इस प्रगति में सबसे बड़ा किसी का योगदान है तो रीवा के विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला का। 


विंध्य की जनता के बीच उन्हें विकासपरक नेता माना जाता है। इन सबके बावजूद उन्हें मंत्रीपद नहीं दिया जाना यहां की जनता के जनादेश का एक तरह से अपमान था। हालांकि सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अंतिम समय तक उन्हें मंत्रीमंडल में शामिल करने का प्रयास करते रहे पर दिल्ली भाजपा हाईकमान के आदेश ने इस पर पानी फेर दिया। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी भी जताई थी उस वक्त उन्हें आश्वासन दिया गया था विंध्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा।


प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होना है। सत्र के पहले ही दिन स्पीकर का चुनाव किया जाना है। फिलहाल विधायक रामेश्वर शर्मा प्रोक्टम स्पीकर हैं। पर उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया जाएगा इस पर अभी तक किसी भी तरह का मंथन नहीं किया गया है। हां विधानसभा अध्यक्ष के लिए इस बार नाम रीवा जिले से चुनने को लेकर अवश्य मंथन चल रहा है। 


वहीं भाजपा संगठन का मानना है कि रीवा विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को यह गरिमामय पद देकर विंध्य की जनता की नाराजगी को कम किया जा सकता है। इसको लेकर मंथन चल रहा है। संभावना है कि अगले दो दिनों में इसकी घोषणा कर दी जाए। हालांकि रीवा विधायक से करीबी लोगों का कहना है कि अभी वो विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं। उनका लक्ष्य क्षेत्र का विकास करना है। अब देखना यह है कि संगठन उन्हें इस पद के लिए राजी कर पाता है कि नहीं। गौरतलब है कि कांग्रेस के दिवंगत नेता श्रीनिवास तिवारी रीवा की तरफ से पहले भी विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।

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